महिला कॉन्स्टेबल रेप केस में फरार सिपाही सेवा से बर्खास्त, एसपी ने घोषित किया 25 हजार का इनाम
महिला कॉन्स्टेबल रेप केस में फरार सिपाही सेवा से बर्खास्त, एसपी ने घोषित किया 25 हजार का इनाम


अजमेर, 20 मई। अजमेर में एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की ठगी करने के गंभीर मामलों में फरार चल रहे निलंबित सिपाही को पुलिस प्रशासन ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाला ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी कॉन्स्टेबल को सेवा से निष्कासित करने के साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।


आरोपी सिपाही के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा है। निलंबन की अवधि के दौरान भी वह अपनी ड्यूटी से पूरी तरह नदारद रहा। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। आरोपी की सूचना देने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाएगा। फिलहाल, सीओ नॉर्थ शिवम जोशी के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमें फरार बर्खास्त सिपाही की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।


यह है पूरा मामला
पीड़ित महिला कॉन्स्टेबल ने गत 6 मई को संबंधित थाने में इस संबंध में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2018 में जिला विशेष टीम (DST) में तैनाती के दौरान आरोपी कॉन्स्टेबल ने पहले पीड़िता का विश्वास जीता। इसके बाद उसने अपनी बहन के सरकारी आवास पर महिला कॉन्स्टेबल को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने इस दौरान पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए, जिनके बल पर वह लगातार ब्लैकमेलिंग करने लगा।
लाखों की ठगी और गर्भपात कराने का आरोप
ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपी ने वर्ष 2020 से 2025 के बीच पीड़िता से करीब 28 लाख रुपये वसूल किए। इतना ही नहीं, उसने पीड़िता के नाम पर बैंक से लोन उठवाकर खुद के लिए कार खरीद ली और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर भी मोटी रकम हड़प ली। आरोपी और उसके परिजनों ने महिला कॉन्स्टेबल के सोने के आभूषण भी ले लिए और उन्हें बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन उठा लिया।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात भी करवाया। वह अक्सर शराब के नशे में पीड़िता के घर आता था और उसके नाबालिग बेटे के सामने भी अश्लील हरकतें करता था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी कॉन्स्टेबल सहित उसकी बहन, भाई, पत्नी और जीजा के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


