राजस्थान में 1 जून से परिवहन विभाग की 58 सेवाएं होंगी पूरी तरह ऑनलाइन
राजस्थान में 1 जून से परिवहन विभाग की 58 सेवाएं होंगी पूरी तरह ऑनलाइन


- ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन अनुमतियों के लिए नहीं लगाने होंगे आरटीओ (RTO) के चक्कर; घर बैठे खुद कर सकेंगे आवेदन
- वर्षों पुरानी ‘इनवर्ड व्यवस्था’ आज से समाप्त; बिचौलियों और एजेंटों के मकड़जाल पर लगेगा प्रभावी अंकुश
बीकानेर, 31 मई । राजस्थान के नागरिकों के लिए परिवहन विभाग से जुड़ी एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर है। राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 1 जून से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किया जा रहा है। विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और आमजन को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए कुल 58 महत्वपूर्ण सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग में वर्षों से चली आ रही पारंपरिक ‘इनवर्ड व्यवस्था’ को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है।


लॉगिन आईडी का खेल खत्म, सीधे सिटीजन पोर्टल से होगा काम
अब तक परिवहन कार्यालयों (RTO/DTO) में अधिकांश सेवाओं के लिए आवेदकों के दस्तावेज विभागीय कर्मचारियों की लॉगिन आईडी के माध्यम से ही सिस्टम में ‘इनवर्ड’ (दर्ज) किए जाते थे। इस निर्भरता के कारण आमजन को बाबूओं और दलालों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे भ्रष्टाचार और कार्य में देरी की शिकायतें आम थीं।


1 जून से लागू हो रही नई व्यवस्था के तहत यह विभागीय बाध्यता खत्म हो जाएगी। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ‘सिटीजन पोर्टल’ पर जाकर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। जो लोग खुद कंप्यूटर नहीं चला सकते, वे अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन दर्ज करवा सकेंगे। खास बात यह है कि आवेदक अपने आवेदन की लाइव स्थिति (Status) भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।
सारथी और सिटीजन पोर्टल पर मिलेंगी ये 58 सेवाएं
परिवहन विभाग ने अपनी सेवाओं को दो अलग-अलग डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से जनता के लिए सुलभ बनाया है।
सिटीजन पोर्टल (Citizen Portal): इस पोर्टल के माध्यम से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, एनओसी, टैक्स भुगतान और विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों से जुड़ी 26 सेवाएं ऑनलाइन संचालित होंगी।
सारथी पोर्टल (Sarathi Portal): ड्राइविंग लाइसेंस (DL), लर्निंग लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) और पते में बदलाव जैसी 32 सेवाएं इस पोर्टल के जरिए सीधे घर बैठे मिल सकेंगी।
समय और धन की होगी भारी बचत; बढ़ेगी जवाबदेही
इस नई डिजिटल व्यवस्था से जहां आरटीओ कार्यालयों में लगने वाली लंबी कतारें और भीड़ कम होगी, वहीं जनता के समय और किराए-भाड़े के धन की भी बड़ी बचत होगी। चूंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, इसलिए हर आवेदन की उच्च स्तर से ऑनलाइन मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। आवेदन प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड सर्वर पर सुरक्षित रहने से किस टेबल पर फाइल कितने समय रुकी, इसकी जवाबदेही तय होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप और फाइलों को अटकाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
एजेंटों और बिचौलियों की छुट्टी
इस बड़े प्रशासनिक सुधार का सबसे मुख्य उद्देश्य परिवहन कार्यालयों के बाहर सक्रिय रहने वाले अनधिकृत एजेंटों और बिचौलियों की भूमिका को जड़ से खत्म करना है। सीधे पोर्टल से जुड़ने के कारण जनता को किसी मध्यस्थ को अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं रहेगी, जिससे विभाग की छवि में भी सुधार होगा।
राजस्थान में परिवहन तंत्र का ढांचा में प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO)- 13 तथा जिला परिवहन कार्यालय (DTO) 57 कार्यरत है।
व्यवस्था में आएगा व्यापक बदलाव
1 जून से धरातल पर उतरने वाला यह सिस्टम राजस्थान में परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण का एक नया आधार बनेगा। परन्तु देखना यह है कि ऑनलाइन सेवाओं के इस बड़े विस्तार से आम नागरिकों को एक अधिक सुविधाजनक, सरल और पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था में कोई व्यवधान कभी नहीं आएगा ।


