आर्य समाज फाउंडेशन के कार्यक्रम में अणुव्रत समिति चेन्नई की प्रभावी प्रस्तुति
आर्य समाज फाउंडेशन के कार्यक्रम में अणुव्रत समिति चेन्नई की प्रभावी प्रस्तुति


- अणुव्रत और जीवन विज्ञान के माध्यम से बनती है नैतिक, चारित्रिक और स्वस्थ जीवन शैली
- डी.ए.वी. स्कूल गोपालपुरम में आयोजित हुआ संयुक्त जनजागरण कार्यक्रम; वैदिक हवन के साथ हुई शुरुआत
चेन्नई/बीकानेर, 2 जून । चेन्नई के गोपालपुरम स्थित डी.ए.वी. स्कूल में आर्य समाज फाउंडेशन द्वारा आयोजित साप्ताहिक रविवार सत्संग कार्यक्रम में अणुव्रत समिति, चेन्नई ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान समिति के प्रतिनिधियों द्वारा अणुव्रत एवं ‘जीवन विज्ञान’ (साइंस ऑफ लिविंग) विषय पर बेहद प्रभावी और व्यावहारिक प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित प्रबुद्धजनों और विद्यार्थियों द्वारा खूब सराहा गया।


अणुव्रत गीत से हुआ मंगलाचरण, 11 नियमों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत आर्य समाज द्वारा वैदिक परंपरा के अनुसार आयोजित पवित्र हवन-यज्ञ से हुई। इसके पश्चात अणुव्रत समिति के सदस्यों ने सुमधुर ‘अणुव्रत गीत’ के माध्यम से कार्यक्रम का मांगलिक शुभारंभ किया। अणुव्रत समिति, चेन्नई की अध्यक्षा श्रीमती सुभद्रा लुणावत ने इस अवसर पर अणुव्रत आंदोलन के वैश्विक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने समिति को इस प्रतिष्ठित मंच पर आमंत्रित कर प्रस्तुति का अवसर देने के लिए आर्य समाज फाउंडेशन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में समिति के परामर्शक गौतमचंद सेठिया ने अणुव्रत आचार संहिता के बुनियादी ग्यारह नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रेखांकित किया कि अणुव्रत मूलतः एक असांप्रदायिक और नैतिक आंदोलन है, जो व्यक्ति के भीतर चरित्र निर्माण, आंतरिक जागरण एवं अहिंसक चेतनायुक्त जीवनशैली के विकास पर विशेष बल देता है।


योग, महाप्राण ध्वनि और व्यंग्य कविता का अनूठा संगम
स्वास्थ्य और सकारात्मकता: जीवन विज्ञान के कुशल प्रशिक्षक श्री राकेश खांटेड ने योग, ध्यान और ध्वनि के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बचपन से ही नियमित योग, महाप्राण ध्वनि एवं ‘ॐ’ के अभ्यास से शरीर और मन को पूरी तरह स्वस्थ, प्रसन्न व ऊर्जावान रखा जा सकता है। यह पद्धतियां बिना किसी दुष्प्रभाव (Side Effects) के व्यक्ति को मानसिक विकारों से बचाकर सकारात्मक रखती हैं।
काव्य पाठ से किया मंत्रमुग्ध: समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप धींग ने सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करती अपनी प्रसिद्ध व्यंग्यात्मक कविता “सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को” का प्रभावशाली पाठ किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
भविष्य में भी संयुक्त रूप से चलेंगे अभियान-आचार्य विकास आर्य
डी.ए.वी. स्कूल कमेटी के मंत्री आचार्य विकास आर्य ने अणुव्रत समिति और जीवन विज्ञान के रचनात्मक कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि समाज में नैतिक चेतना जगाने के लिए भविष्य में भी दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से ऐसे जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेंगी। कार्यक्रम की मुख्य सूत्रधार श्रीमती श्रद्धा अर्गल ने पूरे मंच का कुशल संचालन किया। समारोह के अंत में आर्य समाज फाउंडेशन की ओर से अणुव्रत समिति के सभी प्रतिनिधियों को दुपट्टा, ज्ञानवर्धक साहित्य एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी आयोजन में अणुव्रत समिति के पूर्व अध्यक्ष सम्पतराज चोरड़िया, उपाध्यक्ष स्वरूप चन्द दाँती, मंत्री कुशल बाँठिया, श्रीमती मंजू गेलड़ा सहित आर्य समाज और जैन समाज के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


