प्रधानमंत्री की अपील पर महिलाओं ने बनाया बिना तेल का भोजन; स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश
प्रधानमंत्री की अपील पर महिलाओं ने बनाया बिना तेल का भोजन; स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश



बीकानेर, 17 जून । रसोई में तेल के न्यूनतम उपयोग को लेकर देश के प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के समर्थन में बीकानेर की महिलाओं ने एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की है। स्थानीय सामाजिक संगठन “म्हारा प्यारा राजस्थान विकास समिति” से जुड़ी महिलाओं ने श्रीमती नीलम शेखावत के कुशल नेतृत्व में बिना तेल के स्वादिष्ट, पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन तैयार कर आमजन को एक स्वस्थ जीवनशैली (Healthy Lifestyle) अपनाने के लिए प्रेरित किया।


समिति की ओर से आयोजित इस अनूठे रसोई अभियान के दौरान महिलाओं ने अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए साबित किया कि बिना तेल के भी जायकेदार भोजन तैयार किया जा सकता है। महिलाओं ने रसोई में भाप और पारंपरिक पद्धतियों का उपयोग कर खमन, इडली, ढोकला, दही राबड़ी, मूंग दाल, रागा उड़द, चावल, विशेष सब्जियां, सलाद और मौसमी फल जैसे विभिन्न व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला बिना तेल की एक भी बूंद इस्तेमाल किए तैयार की। इस अभिनव प्रदर्शन के माध्यम से महिलाओं ने समाज को यह कड़ा संदेश दिया कि भोजन में कम तेल का सेवन हृदय स्वास्थ्य और संपूर्ण शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी है, तथा इसके प्रति जागरूकता बढ़ाकर कई गंभीर बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।


घर-घर तक पहुंचेगा कम तेल और स्वस्थ भोजन का यह विशेष अभियान
समिति की महिलाओं ने लिया संकल्प: इस रचनात्मक स्वास्थ्य अभियान को धरातल पर उतारने और इसे एक जन आंदोलन का रूप देने में कविता यादव, सरिता कौशल, सुनीता गुर्जर, मीनू सोनी, संतोष शर्मा, करुणा गुप्ता, पिंकी (अनीता शर्मा), उर्मिला पारिक, नीलम शेखावत, सुशीला तनेजा, लक्ष्मी साहरण और खुशबू जाट ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। समिति की सदस्य महिलाओं ने सामूहिक संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की इस स्वास्थ्यवर्धक पहल को वे जिले के हर घर-घर तक पहुंचाएंगी और स्थानीय परिवारों को दैनिक जीवन में सात्विक व कम तेल वाले पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रेरित करती रहेंगी।


