कुलदेवी डेहरु माता मंदिर का तृतीय पाटोत्सव धूमधाम से संपन्न
कुलदेवी डेहरु माता मंदिर का तृतीय पाटोत्सव धूमधाम से संपन्न



- महाआरती और महाप्रसादी में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रबुद्ध जनों का हुआ सम्मान
बीकानेर , 17 जून । नाल रोड पर महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी के पास स्थित कुलदेवी डेहरु माता मंदिर का तृतीय स्थापना दिवस ‘पाटोत्सव महोत्सव’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित भव्य महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों में बीकानेर शहर सहित ग्रामीण अंचलों से आए हजारों की संख्या में श्रद्धालु साक्षी बने।


आयोजन के संयोजक जेठाराम पुरोहित एवं एडवोकेट पवन पुरोहित ने बताया कि पाटोत्सव का मुख्य कार्यक्रम दोपहर 12 .15 बजे ब्रह्म गायत्री पीठ (सागर) के अधिष्ठाता श्री रामेश्वरानंद जी महाराज “दाता श्री” के पावन सान्निध्य तथा शंकर जी पुरोहित की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ महाअभिषेक
मंदिर के समन्वयक भंवर पुरोहित ने बताया कि पाटोत्सव के उपलक्ष्य में सुबह मुख्य पूजक पुखराज जी भादानी के आचार्यत्व में कुलदेवी का भव्य महाअभिषेक संपन्न कराया गया।
मुख्य यजमान: इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज के प्रमुख वरिष्ठ जन बद्रीनारायण सूरजड़ा व उनकी धर्मपत्नी सरला पुरोहित, तथा सुनील पुरोहित व उनकी धर्मपत्नी अनीता पुरोहित ने मुख्य यजमान के रूप में बैठकर पूजा-अर्चना संपन्न की।
प्रबुद्ध जन सम्मान: दोपहर में विशेष महाआरती की पूर्णाहुति के बाद मंदिर प्रबंध समिति की ओर से समाज के प्रबुद्ध जनों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। इसके तहत बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजय पुरोहित, वरिष्ठ एडवोकेट कमल नारायण पुरोहित तथा प्रमुख समाजसेवी देवीलाल उपाध्याय का शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। यह सम्मान परम पूज्य रामेश्वरानंद जी महाराज “दाता श्री”, शंकर पुरोहित और राजेश चूरा के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
महाप्रसादी में उमड़े शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु
अटूट भंडारे का आयोजन: मंदिर के कोषाध्यक्ष मास्टर पवन पुरोहित एवं सतीश पुरोहित ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि भव्य महाआरती के उपरांत मंदिर परिसर में विशाल महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इसमें बीकानेर शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों धर्मप्रेमियों ने पंगत में बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
महाआरती और मुख्य समारोह के दौरान शहर के अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से राजेश चूरा, डॉ. बाल नारायण पुरोहित, गोकुल जोशी, कन्हैयालाल पुरोहित, नवनीत पुरोहित, दुर्गा शंकर आचार्य, एडवोकेट विजय आनंद पुरोहित, भरत पुरोहित, एडवोकेट नवल पुरोहित, रामरतन पुरोहित, सुनील पुरोहित, संजय स्वामी, राजू जी हलवाई, एडवोकेट खेतूचंद पुरोहित, सुरेंद्र ओझा, किशन जी ओझा, राजू ओझा, रामलाल ओझा, पूर्व पार्षद नवरत्न ओझा, ओम प्रकाश ओझा, अशोक भादानी (कमांडो), कंवर लाल भादाणी, विष्णु भादानी, जयश्री भादाणी, रमेश भादाणी, चंद्रकला, राम स्वरूप हर्ष, जगदीश शर्मा, देवकिशन स्वामी, सुभाष पुरोहित, जितेंद्र सुथार, गौरीशंकर स्वामी, कैलाश सारस्वत, लक्ष्मण कुमावत, अशोक प्रजापत, राजू गहलोत, सुनील पारीक और अमर चंद प्रजापत शामिल थे।
इन ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों भक्त
ग्रामीण क्षेत्र के प्रभारी नवल किशोर (दारा महाराज) ने बताया कि कुलदेवी डेहरु माता के प्रति अगाध श्रद्धा के चलते ग्रामीण अंचलों में भारी उत्साह देखा गया। उत्सव में बीठनोक के दुर्गाप्रसाद, सोन जी हदा, केसरी चंद, मेघराज के साथ-साथ हुसंसर, शोभासर, कल्याणसर, बिगा, श्री कोलायत, कुम्हारों की ढाणी, गिरिराजसर, सूरजड़ा, गाडियाला और जाझू आदि गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ माता के दरबार में शीश नवाने पहुंचे।


