राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली FIR दर्ज, पांच आरोपी नामजद; जमीन खरीद घोटाले के दस्तावेज़ भी SIT को सौंपे गए
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली FIR दर्ज



अयोध्या/लखनऊ, 25 जून । श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं तथा चोरी के मामले में गुरुवार को पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने यह बड़ी विधिक कार्रवाई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और कृष्णमोहन की तहरीर के आधार पर की है। इस एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव सहित पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियां अब इन आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े तमाम पहलुओं की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।


चढ़ावे की राशि के संग्रहण और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान सामने आईं कथित गड़बड़ियों को विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक पड़ताल में चिन्हित किया था। हालांकि, गुरुवार को दिनभर प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में एसआईटी के अयोध्या पहुंचने की चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन टीम लखनऊ से वापस नहीं लौटी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी के अध्यक्ष व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और सदस्य नील रतन शनिवार रात को प्रारंभिक रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने लखनऊ गए थे, जहां आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। वर्तमान में कुछ तकनीकी स्टाफ अयोध्या में रहकर दस्तावेजों का संकलन कर रहा है, और संभावना है कि टीम शुक्रवार को पुनः अयोध्या पहुंचकर जांच आगे बढ़ाएगी।


ट्रस्ट के अकाउंट सिस्टम और जमीन खरीद की फाइलों की होगी पड़ताल
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब शिकायतों, वीडियो साक्ष्यों और दान व्यवस्था के अभिलेखों का मिलान कर रही है। इसके साथ ही अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के अकाउंट सिस्टम की भी गहराई से पड़ताल की जाएगी, ताकि आय-व्यय के वास्तविक विवरण का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, मंदिर के लिए खरीदी गई जमीनों की पत्रावलियों को खंगाला जाएगा और संबंधित पक्षों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है।
सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे करोड़ों के कथित घोटाले के 11 दस्तावेज
इसी मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में एसआईटी से मुलाकात कर जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े 11 महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे। सांसद ने दावा किया कि मंदिर के लिए खरीदी गई कई जमीनों में करोड़ों रुपये का हेरफेर और घोटाला किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम चढ़ावे और दानपात्र की अनियमितताओं में सामने आ रहे हैं, उन्हीं की भूमिका जमीन सौदों में भी संदिग्ध है। एसआईटी ने इन दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी तस्दीक और जांच शुरू कर दी है।
मिनटों में 2 करोड़ की जमीन हुई 18.5 करोड़ की: संजय सिंह का दावा
सांसद संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की एक जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी थी। आरोप है कि इसके महज कुछ ही मिनटों बाद इसी जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इस प्रकार एक ही दिन में करीब 16.5 करोड़ रुपये का भारी अंतर सामने आया है। सांसद का दावा है कि इस बैनामे के गवाह तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे। इस खुलासे के बाद राम जन्मभूमि परिसर और संत समाज के बीच हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या खुलासे होने की पूरी संभावना है।


