राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भट्टड़ ने गोचर भूमि पर किया पौधारोपण, विद्यार्थियों ने लिया पौधे बचाने का संकल्प
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भट्टड़ ने गोचर भूमि पर किया पौधारोपण, विद्यार्थियों ने लिया पौधे बचाने का संकल्प


बीकानेर (सुजानदेसर), 10 अगस्त । राजस्थान को हरा-भरा, स्वच्छ एवं पर्यावरण समृद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राज्यव्यापी “हरियालो राजस्थान” कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भट्टड़ (गंगाशहर) द्वारा सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पीछे गोचर भूमि में सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


इस आयोजन का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ में पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाना और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका संवर्धन करने के लिए प्रेरित करना रहा।


प्रधानाचार्या सविता गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सविता गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस पौधारोपण अभियान में शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षक (PTI) रमेश कुमार वर्मा, व्याख्याता वीरेंद्र कुमार मारू, मनोज कुमार सेन सहित अन्य स्टाफ सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। वहीं छात्र राजवीर गहलोत, सूरज चौहान, पवन लोहार, ओमप्रकाश गोदारा, विष्णु खीचड़ एवं विष्णु सहित कई विद्यार्थियों ने श्रमदान कर पौधे रोपे।
पौधे लगाने के साथ नियमित देखभाल का लिया संकल्प
इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को वृक्षों की उपयोगिता, पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता तथा भावी पीढ़ी के लिए हरित धरा के महत्व की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित सिंचाई एवं पूर्ण सुरक्षा का संकल्प भी लिया।
दो महीने चलेगा अभियान, हर पौधे को वृक्ष बनाना लक्ष्य: मिलन गहलोत
कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरणविद् मिलन गहलोत ने कहा कि “हरियालो राजस्थान” अभियान आगामी दो महीनों तक निरंतर चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल, कॉलेज, स्वयंसेवी संस्थाएं और समाज के विभिन्न वर्ग भाग लेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ पौधा लगाना भर नहीं है, बल्कि प्रत्येक पौधे को एक विशाल वृक्ष के रूप में विकसित करना है।
विद्यालय परिवार ने “एक पौधा — एक संकल्प, हरित बने राजस्थान” के ध्येय वाक्य के साथ कार्यक्रम का समापन किया। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की पहलों से न केवल बीकानेर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि आमजन में भी पर्यावरणीय चेतना सुदृढ़ होगी।

