बीकानेर में 40 हजार बीघा गोचर भूमि पर गौ अभयारण्य की मांग: मुख्यमंत्री व मंत्रियों को लिखा पत्र

बीकानेर में 40 हजार बीघा गोचर भूमि पर गौ अभयारण्य की मांग: मुख्यमंत्री व मंत्रियों को लिखा पत्र
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  • गौ अभयारण्य बनने से निराश्रित गोवंश की समस्या का होगा स्थायी समाधान: सूरजमल सिंह नीमराना

बीकानेर, 14 अगस्त । बीकानेर शहर के पास स्थित चार प्रमुख गोचर भूमियों को मिलाकर 40,000 बीघा क्षेत्र में ‘गौ अभयारण्य’ घोषित करने की मांग को लेकर सामाजिक व गोचर संरक्षण संगठनों ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। 15 अगस्त को राज्य सरकार के बीकानेर प्रवास के अवसर पर मुख्यमंत्री से इस बहुप्रतीक्षित योजना की आधिकारिक घोषणा करने तथा इस भूमि को गौ अभयारण्य के रूप में आरक्षित करने का आग्रह किया गया है।

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इस संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, स्वायत्त शासन एवं यूडीएच मंत्री जाबर सिंह खर्रा, गोपालन व देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारिलाल बिश्नोई, बीकानेर के विधायकों—जेठानंद व्यास, अंशुमान सिंह भाटी, सिद्धि कुमारी, ताराचंद सारस्वत, विश्वनाथ मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्षों (सुमन छाजेड़ व श्याम पंचारिया), जिला कलेक्टर एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के सचिव को पत्र भेजकर जनभावनाओं से अवगत कराया गया है।

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6 माह पूर्व हुए समझौते की याद दिलाई
संगठन के संयोजक शिव गहलोत ने बताया कि बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा चारों गोचर भूमियों के अधिग्रहण के विरोध में हुए आंदोलन के समय तत्कालीन समझौते के अनुसार सरकार ने अधिग्रहित भूमि को पुनः गोचर के रूप में आरक्षित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, 6 माह बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस घोषणा नहीं हुई है। यदि सरकार समय रहते घोषणा नहीं करती है तो संगठनों को पुनः आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा।

गौवंश व पर्यावरण संतुलन के लिए मील का पत्थर
संगठन के सूरजमल सिंह नीमराना ने कहा कि 40,000 बीघा गोचर क्षेत्र में पर्याप्त छाया, सेवन-धामन-भ्रुट जैसी पौष्टिक घास, ट्यूबवेल, छोटे तालाब और लाखों छायादार वृक्ष विद्यमान हैं। गोचर भूमि के चारों ओर भामाशाहों द्वारा दीवार व तारबंदी कराई गई है। यदि यहाँ गौ अभयारण्य बनता है तो यह निराश्रित गोवंश के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

कैलाश सोलंकी ने विश्वास जताया कि यदि सरकार 15 अगस्त के अवसर पर बीकानेर को यह सौगात देती है तो बीकानेर की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी हल निकल सकेगा।

पत्र भेजने और इस संदर्भ में हुई बैठक में मनोज कुमार सेवक, प्रेम सिंह राठौड़, सूरज प्रकाश राव, महेंद्र किराडू एवं यशवीर चौधरी सहित अनेक गोचर प्रेमी उपस्थित रहे।

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