गुजरात- भावनगर जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई; 4 पुलिसकर्मी निलंबित, 21 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

गुजरात- भावनगर जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई
quicjZaps 15 sept 2025

भावनगर, 20 अगस्त । ड्राई स्टेट गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली व मिलावटी शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। वहीं 25 से अधिक लोग गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन व भावनगर से जुड़े कुल 21 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

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गुजरात में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा सात हुआ
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, जिनके ऊपर नकली शराब बनाने और बेचने का आरोप है। भावनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश पांडे ने बताया कि जहरीली शराब का सेवन करने वाले 25 से 28 लोग उपचाराधीन हैं।

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19 अगस्त को इस मामले में वरतेज पुलिस स्टेशन के पास प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह पुलिस स्टेशन घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में स्थित है। मध्य प्रदेश के उज्जैन के खरकड़ी से और गुजरात के भावनगर से अब तक 21 आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, इस शराब को उज्जैन से लाया जाता था। इसके बाद उसे भावनगर और आसपास के इलाके में लोगों के बीच बांटने से पहले उसमें मिलावट की जाती थी। जिन जहरीली शराब की बोतलों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन बोतलों में एक कंपनी का लेबल भी लगा हुआ था। जांच में सामने आया है कि नेटवर्क से जुड़े हुए अलग-अलग लोग इस शराब को बेचने में शामिल थे। इस शराब को बेचने से पहले उसमें मिलावट की जाती थी। इसके बाद उसे विभिन्न माध्यमों से आम लोगों के बीच में बेचा जाता था।

पुलिस अब पूरे आपूर्ति तंत्र का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कैसे लोगों तक शराब पहुंचाई जाती थी। इसके बाद पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब के बचे बाकी के हिस्से को कैसे कहां पर भेज दिया जाता था।

इस संबंध में कैमिकल जांच की रिपोर्ट के बारे में भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वही पुलिस जांच में जब्त की गई रॉयल स्टेज बोतल में भारी मात्रा में मेथेनॉल का इस्तेमाल भी किया गया। जिसका जिक्र प्राथमिकी में भी किया गया है। इस शराब में 38.59 फीसदी मेथेनॉल और 0.94 फीसदी इथेनॉल मिला होता था।

प्राथमिकी में कई पीड़ितों की जांच के बाद प्राप्त हुए मेथेनॉल के बारे में भी प्राथमिकी में दर्ज किया गया है। इन पीड़ितों में उपेन्द्र सिंह गोहिल और कार्तिक भाई मकवाना के नाम शामिल है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया, जब शराब का सेवन करने के बाद लोगों को उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद सभी को भावनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जिन लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया था, उन सभी लोगों के बयान और उनसे जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट में प्राथमिकी में दर्ज की गई है। पुलिस अब उस पूरे स्रोत के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत जहरीली शराब की आपूर्ति लोगों के बीच में की जाती थी। इसके बाद उसमें मिलावट की जाती थी। इसके बाद उसे लोगों के बीच में बेचा जाता था। पुलिस अपनी जांच के तहत उस पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

द स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के तहत अधिकारी इस जहरीली शराब से जुड़ी पूरी प्रक्रिया के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत इसकी आपूर्ति आम लोगों के बीच में की जाती थी।

एसएमसी (SMC) संभाल रही जांच की कमान

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। पुलिस अब पूरे सप्लाई चेन नेटवर्क को खंगाल रही है। प्रशासन ने अपील जारी की है कि जिन भी लोगों ने पिछले कुछ दिनों में इस प्रकार की शराब का सेवन किया है, वे तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर अपनी डॉक्टरी जांच कराएं।