सुखी रहने का सूत्र है वाणी पर संयम- डॉ. मुनि पुलकित कुमार

ट्रिप्लीकेन में मनाया गया ‘वाणी संयम दिवस’
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • ट्रिप्लीकेन में मनाया गया ‘वाणी संयम दिवस’

चेन्नई , 11 सितंबर । युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान सुशिष्य डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमार जी ठाणा 2 के मंगल सान्निध्य में ट्रिप्लीकेन स्थित तेरापंथ भवन में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का चतुर्थ दिवस ‘वाणी संयम दिवस’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मौन और वाणी के विवेक का संकल्प लिया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

मौन और वाणी के संतुलन पर मुनिश्री का पावन बोध
वाणी से चरित्र की पहचान: डॉ. मुनि पुलकित कुमार जी ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य की वाणी से ही उसके चरित्र का प्रकटीकरण होता है। वाणी का विवेक जहां अनेक जटिल समस्याओं का समाधान कर सकता है, वहीं वाणी का असंयम कई प्रकार के कलह और विवादों को जन्म देता है। इसलिए सुखी जीवन का मूल आधार वाणी पर संयम रखना है।

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

मौन का आध्यात्मिक महत्व: मुनिश्री ने मौन को मन शांत करने का अचूक उपाय बताते हुए कहा कि साधना के पथ पर बढ़ने वाले साधक के लिए मौन अनिवार्य है। बोलने से ऊर्जा का अपव्यय होता है, जबकि मौन से आंतरिक ऊर्जा का संचय होता है। मौन रहने से व्यावहारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को प्रतिदिन नियमपूर्वक मौन रखने की प्रेरणा दी।

त्रिपृष्ठ वासुदेव प्रसंग व तेरापंथ प्रबोध: पर्युषण पर्व के विशेष वाचन के तहत मुनिश्री ने भगवान महावीर स्वामी के पूर्व भव ‘त्रिपृष्ठ वासुदेव’ के जीवन-वृत्त का मार्मिक वर्णन किया और ‘तेरापंथ प्रबोध’ का तात्विक विवेचन प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, तप-आराधना और संवत्सरी का आह्वान
सांस्कृतिक कार्यक्रम: नचिकेता मुनि आदित्य कुमार जी ने सुमधुर गीतिका का संगान कर वाणी संयम के महत्व को रेखांकित किया। इसके पश्चात ट्रिप्लीकेन से मदनलाल मर्लेचा तथा तेरापंथ महिला मंडल साहूकारपेट की बहनों ने वाणी संयम दिवस पर आधारित प्रेरक गीत प्रस्तुत किए।

तपस्या का प्रत्याख्यान: धर्मसभा में मदुरावोयल निवासी जागृति विजय राज बाफना ने मुनिश्री से 11 उपवास (11 की तपस्या) का पचक्खान (प्रत्याख्यान) ग्रहण कर तप-साधना का मार्ग अपनाया।

संवत्सरी का आह्वान: मुनिश्री ने 15 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले जैन समाज के सर्वोच्य पर्व ‘संवत्सरी महापर्व’ के दिन ट्रिप्लीकेन स्थित तेरापंथ भवन में अधिक से अधिक संख्या में उपवास, पौषध और जप-तप करने हेतु समस्त श्रावक समाज का आह्वान किया।

 

 

adv change on 24 oct 2026