मुंबई में आचार्य भिक्षु का 224वां महाप्रयाण दिवस मनाया गया
मुंबई में आचार्य भिक्षु का 224वां महाप्रयाण दिवस मनाया गया




- महान आत्मार्थी संत थे आचार्य भिक्षु- शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी
दक्षिण मुंबई, 24 सितंबर। आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में तेरापंथ प्रणेता आचार्य भिक्षु का 224 वाँ महाप्रयाण दिवस श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। यह आयोजन तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम् अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी एवं शासन श्री साध्वी मंजुरेखाजी आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण तथा तेरापंथ महिला मंडल, दक्षिण मुंबई द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण के साथ हुआ।


समारोह को संबोधित करते हुए शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी ने कहा कि आचार्य भिक्षु एक महान आत्मार्थी संत थे, जिन्होंने भगवान महावीर के अहिंसा दर्शन को स्वयं के आचरण से जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने अनेक संघर्षों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच धर्मसंघ में अनुशासन एवं मर्यादा को सुदृढ़ रूप से प्रतिष्ठित किया।


वहीं, शासन श्री साध्वी मंजुरेखाजी ने कहा कि आचार्य भिक्षु का संपूर्ण जीवन निर्मल चारित्र की आराधना के लिए समर्पित था। उन्होंने समय की हर कसौटी और आने वाली कठिनाइयों को समता भाव एवं समाधानपूर्वक स्वीकार किया। इस अवसर पर साध्वी उदितप्रभाजी, साध्वी निर्भयप्रभाजी एवं साध्वी चेलनाश्रीजी ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि साध्वीवृंद द्वारा प्रस्तुत सुमधुर गीतिका से संपूर्ण वातावरण भिक्षुमय हो गया।
कार्यक्रम में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, महासभा के पूर्व अध्यक्ष किशनलाल डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा अध्यक्ष देवेंद्र डागलिया, महिला मंडल दक्षिण मुंबई अध्यक्षा लतिका डागलिया तथा दलचंद कोठारी ने भी विचार रखे।
समारोह में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, मंत्री लक्ष्मीलाल धाकड़, दक्षिण मुंबई की सभा, तेयुप एवं महिला मंडल के पदाधिकारियों सहित विशाल संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन दक्षिण मुंबई सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ ने किया तथा आभार ज्ञापन तेयुप के पूर्व अध्यक्ष नितेश धाकड़ द्वारा व्यक्त किया गया। यह जानकारी तेयुप दक्षिण मुंबई के उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।
