नहर के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज अनूपगढ़ से खाजूवाला तक अनिश्चितकालीन बंद
नहर के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज अनूपगढ़ से खाजूवाला तक अनिश्चितकालीन बंद



रबी फसलों के लिए 8 बारी पानी की मांग


बीकानेर, 26 सितंबर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के प्रथम चरण में पानी के पर्याप्त आवंटन को लेकर किसानों का आंदोलन शनिवार से और अधिक उग्र हो गया है। रबी की फसल के लिए 8 बारी पानी और प्रथम चरण की नहरों के स्थाई रेगुलेशन की मांग को लेकर ‘खेत बचाओ-किसान बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले किसानों ने अनूपगढ़ से लेकर बीकानेर के खाजूवाला तक के इलाकों में पूर्ण बाजार बंद का आह्वान किया है। शनिवार को सभी छोटे-बड़े कस्बों में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे।


आवश्यक सेवाओं पर भी संकट: आंदोलन के पहले दिन शनिवार को फल-सब्जी, दूध और मेडिकल जैसी आपातकालीन दुकानों को छूट दी गई थी, ताकि लोग जरूरी सामान जुटा सकें। हालांकि, किसान संगठनों और व्यापार मंडल की संयुक्त बैठक के निर्णयानुसार रविवार से इन आवश्यक सेवाओं को भी पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
8 बारी बनाम 6 बारी पानी का विवाद: वर्तमान में सिंचाई विभाग रबी की फसल के लिए केवल 6 बारी पानी देने पर सहमत है, जबकि किसानों का कहना है कि कम पानी मिलने से उनकी सरसों और गेहूं की बुआई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों के मुताबिक, जरूरत से आधा पानी मिलने के कारण हजारों हेक्टेयर में बुआई के बाद फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।
इन क्षेत्रों में दिखा व्यापक असर: खाजूवाला, अनूपगढ़, रावला, घड़साना, दंतौर, 17 केवाईडी, 20 बीडी, 14 बीडी और 365 हेड सहित आसपास के तमाम ग्रामीण कस्बों में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं, उनका आंदोलन और कस्बों का बंद अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।
