पश्चिमी बीकानेर को बड़ी सौगात, जिला अस्पताल (एसडीएम) में बनेगा लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर, 10 लाख की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

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बीकानेर, 4 मई। बीकानेर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र और नेशनल हाईवे से सटे इलाकों में रहने वाली करीब 10 लाख की आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। शहर के जिला अस्पताल (एसडीएम) में अब “लेवल-3 ट्रॉमा केयर फैसिलिटी सेंटर” स्थापित किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को भेज दिया है।

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हादसों में घायलों के लिए बनेगा ‘संजीवनी’
150 बेड की क्षमता वाला यह अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रॉमा सेंटर बनने से जैसलमेर रोड, पूगल रोड और खाजूवाला हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को तत्काल इलाज मिल सकेगा।

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समय की बचत: वर्तमान में घायलों को पीबीएम अस्पताल ले जाना पड़ता है, जिससे शहर के भारी ट्रैफिक और रेलवे फाटकों के जाम के कारण कीमती समय (गोल्डन ऑवर) नष्ट हो जाता है। अब हाईवे के पास ही इलाज मिलने से मृत्यु दर में कमी आएगी।

पीबीएम पर कम होगा दबाव: बीकानेर के पीबीएम ट्रॉमा सेंटर पर मरीजों का भारी बोझ रहता है। जिला अस्पताल में नया सेंटर शुरू होने से वहां का दबाव कम होगा।

6 करोड़ की लागत, खुद का होगा ICU और OT
करीब 6 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस ट्रॉमा सेंटर की अपनी स्वतंत्र व्यवस्थाएं होंगी:

  • 10 बेड का ट्रॉमा वार्ड: विशेष रूप से दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए।
  • समर्पित ICU: क्रिटिकल मरीजों को तत्काल गहन चिकित्सा मिल सकेगी।
  • ऑपरेशन थिएटर (OT): गंभीर चोटों के लिए तत्काल सर्जरी की सुविधा।

विशेषज्ञ सेवाएं: ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।

विशेषज्ञों की राय
“लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव में हमने आधुनिक उपकरणों की सूची भी शामिल की है। अपना स्वयं का आईसीयू और ओटी होने से हम गंभीर मरीजों को रेफर करने के बजाय वहीं बेहतर उपचार दे सकेंगे।”
— डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज

“शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए यह अनिवार्य था। 150 बेड के बुनियादी ढांचे के साथ हम तैयार हैं। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि घायलों को ट्रैफिक और फाटकों के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।”
— डॉ. सुनील हर्ष, अधीक्षक, जिला अस्पताल

थार निष्कर्ष: अस्पताल परिसर में ही इस सेंटर के लिए अलग से भवन का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट बीकानेर की स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाएगा।

 

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