बीकानेर में विश्व हृदय दिवस पर जन-जागरण कार्यक्रम
बीकानेर में विश्व हृदय दिवस पर जन-जागरण कार्यक्रम



- विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने दिए स्वस्थ हृदय के 5 मूल मंत्र
बीकानेर , 29 सितम्बर। बीकानेर के हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल, पीबीएम अस्पताल के हृदय रोग विभाग की ओर से मंगलवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “डोंट मिस ए बीट” के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आमजन को जागरूक करते हुए संदेश दिया कि दिल की हर धड़कन अनमोल है और थोड़ी सी सावधानी से जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।


कार्यक्रम के दौरान हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव ही इसका सबसे उचित उपचार है। उन्होंने स्वस्थ हृदय के लिए 5 मुख्य बिंदु साझा किए:


- हरी सब्जियों व फलों से भरपूर संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें तथा जंक व स्टोर्ड फूड से बचें।
- नियमित भ्रमण, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम, योग व प्राणायाम के जरिए शारीरिक श्रम करें।
- तंबाकू, धूम्रपान और मदिरापान से दूर रहें, क्योंकि ये रक्त वाहिनियों को संकुचित कर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।
- ब्लड प्रेशर, शुगर, मोटापा और ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को पूर्ण नियंत्रण में रखें।
- ध्यान (मेडिटेशन) व सकारात्मक सोच अपनाकर मानसिक तनाव कम करें, जिससे हृदय का ऑटोनॉमिक तंत्रिका तंत्र धड़कन को नियमित रख सके।
डॉ. दिनेश चौधरी ने हृदय रोग से जुड़े लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने और पहले से इलाज करा रहे मरीजों को दवाओं व नियमित फॉलोअप में लापरवाही न बरतने की सलाह दी।
चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और हल्दीराम मूलचंद कार्डियक सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें 15 बेड का नया कार्डियक इमरजेंसी परिसर, नई इको मशीन, नया वेटिंग हॉल, दो नए ओपीडी कक्ष, तीसरी नई कैथ लैब तथा 20 बेड का कैथ लैब आईसीयू वार्ड शीघ्र शुरू होगा।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि रोजाना 500 से 600 मरीज ओपीडी में आते हैं और वर्तमान में दो कैथ लैब के माध्यम से प्रतिदिन 30 से 35 प्रोसीजर किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है और न ही बाहर रेफर करने की आवश्यकता पड़ रही है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, डिवाइस क्लोजर जैसी महंगी प्रक्रियाएं जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि अकादमिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के चलते एनएमसी दिल्ली ने यहाँ डीएम कार्डियोलॉजी की सीटें 4 से बढ़ाकर 5 कर दी हैं।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं डायटिशियन डॉ. मीनाक्षी जाखड़ ने लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली डाइट संबंधी भ्रामक जानकारियों से बचने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
इस जन-जागरण कार्यक्रम में डॉ. सुनील बुडानिया, डॉ. रामगोपाल कुमावत, डॉ. रतनलाल रांका, डॉ. राजवीर बेनीवाल तथा डॉ. नुमान आरिफ ने भी हृदय रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और त्वरित उपचार को लेकर विचार व्यक्त किए।
