बीकानेर के सरकारी समाचार

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quicjZaps 15 sept 2025
  • जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बामनवाली में विकास कार्यों का किया निरीक्षण

बीकानेर, 8 मई। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने शुक्रवार को बामनवाली ग्राम पंचायत क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंचायत भवन, मनरेगा एवं एसएफसी मद से विकसित सार्वजनिक पार्क, प्रकाश व्यवस्था, विद्यालय पुस्तकालय तथा ओपन जिम का अवलोकन किया। ग्रामीणों से संवाद करते हुए योजनाओं की उपयोगिता एवं व्यवस्थाओं संबंधी फीडबैक लिया।

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मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत स्वीकृत कन्वेंशन हॉल एवं मॉर्डन लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। मॉर्डन लाइब्रेरी में उपस्थित बेटियों से संवाद करते हुए उन्होंने शिक्षा, पुस्तक पठन एवं डिजिटल संसाधनों के महत्व पर चर्चा की तथा छात्राओं को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। राजकीय महाविद्यालय में डी एम एफ टी के तहत स्वीकृत हॉल का निरीक्षण किया।

इसके पश्चात उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के अंतर्गत विकसित हो रहे भगत सिंह स्टेडियम के कार्यों का जायजा लिया। विधायक निधि से निर्मित सार्वजनिक बस स्टैंड का भी निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान उन्होंने क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध खारे पानी की झील का निरीक्षण कर उसके संरक्षण एवं पर्यटन संभावनाओं पर भी चर्चा की।

पंचायत समिति सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विकास अधिकारी श्री किशोर कुमार, सहायक अभियंता श्री जगदीश चौधरी, पूर्व प्रधान श्री कानाराम गोदारा, श्री उमाशंकर सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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  • शहरी क्षेत्र को बरसाती पानी ठहराव की समस्या से जल्दी मिलेगी मुक्ति
  • राज्य सरकार से प्राप्त हुए 59.10 करोड़ रुपए, तीन स्थानों पर प्रारम्भ हुआ कार्य
  • जिला कलक्टर के निर्देश पर निगम आयुक्त ने किया मौका मुआयना

बीकानेर, 8 मई। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बरसाती पानी ठहराव के कारण होने वाली समस्या से आमजन को जल्द ही मुक्ति मिलेगी। इन कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा 59.10 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो गई है तथा कार्यादेश जारी करते हुए विभिन्न स्थानों पर कार्य प्रारम्भ करवा दिए गए हैं।

नगर निगम आयुक्त  सिद्धार्थ पलनीचामी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में बरसाती पानी का ठहराव बड़ी समस्या है। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में 100 करोड़ रुपए की लागत से कार्य करवाने की घोषणा की थी। जिसके पहले चरण में 59.10 करोड़ रुपए के कार्यों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा गत दिनों नगर निगम और बीकानेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में इसकी समीक्षा की गई तथा उच्च स्तर पर इससे जुड़ा फीडबैक दिया गया। इसके बाद राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण, राहत एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा 59.10 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हो गई है तथा 6 मई को तीन स्थानों पर कार्य प्रारम्भ करवा दिया गया है।

  • करवाए जाएंगे यह कार्य

निगम आयुक्त ने बताया कि इस राशि से वल्लभगार्डन में 20 एमएलडी का सीवेज पंपिंग स्टेशन, सुजानदेसर में 12 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, खुदखुदा आश्रम जाने वाले नाले के स्थान पर नए नाले का निर्माण तथा शहर के प्रमुख नालों की सफाई से जुड़े कार्य करवाए जाएंगे। इनमें से सुजानदेसर में एसटीपी निर्माण तथा निगम कार्यालय एवं पीबीएम अस्पताल नाला सफाई का कार्य 6 मई को प्रारम्भ भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे तथा 18 महीनों में यह पूर्ण कर लिए जाएंगे। जिला कलक्टर के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त श्री सिद्धार्थ पलनिचामी ने इन कार्यों का निरीक्षण किया तथा कार्याें को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए।
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  • बीकानेर में कैंपस प्लेसमेंट एवं रोजगार शिविर

बीकानेर, 8 मई। संभागीय रोजगार कार्यालय द्वारा 15 मई को संभागीय रोजगार कार्यालय परिसर में प्रातः 10 बजे से कैंपस प्लेसमेंट एवं रोजगार शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार सहायता, स्वरोजगार तथा रोजगार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

शिविर में निजी क्षेत्र की जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी द्वारा टेक्नीशियन एवं सुपरवाइजर के 100 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए दसवीं, बारहवीं उत्तीर्ण, आईटीआई तथा डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया जाएगा।

संभागीय रोजगार कार्यालय के उप-निदेशक हरगोबिन्द मित्तल ने बताया कि शिविर में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अन्य योग्यता प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां तथा फोटो साथ लानी होंगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर रोजगार अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
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  • हाथकरघा बुनकरों को मिलेंगे नकद पुरस्कार, 30 जून तक करें आवेदन

बीकानेर, 8 मई। राज्य सरकार द्वारा हाथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर वर्ष की भांति इस वित्तीय वर्ष में भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए जिले की सीमा में कार्यरत हाथकरघा बुनकरों से 30 जून तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती मंजू नैण गोदारा ने बताया कि वही बुनकर आवेदन के पात्र होंगे जो पिछले तीन वर्षों से हाथकरघा बुनाई कार्य कर रहे हैं तथा जिन्हें गत तीन वर्षों में इस पुरस्कार के लिए चयनित नहीं किया गया है।

पात्र हाथकरघा बुनकर अपने उत्पाद सहित आवेदन पत्र 30 जून तक चौपड़ा कटला रानीबाजार स्थित जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र में जमा करवा सकते हैं। आवेदन पत्र कार्यालय समय में कभी भी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
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  • जनगणना 2027: प्रथम चरण के चतुर्थ बैच के प्रशिक्षण का समापन, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने ली सेवा भाव की शपथ
  • 16 मई से 14 जून तक चलेगा मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य
  • प्रत्येक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने कार्य को पूर्ण ईमानदारी एवं समर्पण के साथ करें संपादित – सिद्धार्थ पालानिचामी, आय़ुक्त, नगर निगम

बीकानेर, 8 मई। जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत 16 मई से 14 जून तक चलने वाले मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य हेतु नगर निगम के प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के चतुर्थ बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन शुक्रवार को हुआ।

राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण के अंतिम दिन नगर निगम आयुक्त  सिद्धार्थ पालानिचामी एवं उपायुक्त  यशपाल आहूजा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए प्रतिभागियों से संवाद किया तथा जनगणना कार्य को गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर आयुक्त  सिद्धार्थ ने कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आंकड़े भविष्य की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का दायित्व है कि वह अपने कार्य को पूर्ण ईमानदारी एवं समर्पण के साथ संपादित करे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना भी की।

निगम आयुक्त  सिद्धार्थ पालानिचामी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य की प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं, फील्ड सर्वेक्षण, आंकड़ों के संकलन तथा निर्धारित प्रपत्रों के सही उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की संवेदनशीलता, शुद्धता एवं समयबद्धता के महत्व से भी अवगत कराया गया। अब पांचवें बैच के प्रशिक्षण का आयोजन 11 से 13 मई तक किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान बीकानेर के मास्टर ट्रेनर डॉ. वाई. बी. माथुर एवं डॉ. विपिन सैनी भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना कार्य के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने सेवा भाव, निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य संपादित करने की शपथ ग्रहण की।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य वर्ष 2026-27 में संपादित किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य निर्धारित कार्यक्रमानुसार वर्ष 2027 में किया जाएगा। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास तथा नीति निर्माण में महत्वपूर्ण आधार के रूप में उपयोग किए जाएंगे।
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शुष्क क्षेत्रों में सतत कृषि एवं मृदा स्वास्थ्य पर किसान संगोष्ठी आयोजित

बीकानेर, 08 मई। आईसीएआर-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (ICAR-CIAH) में “शुष्क क्षेत्रों में सतत कृषि हेतु संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन एवं मृदा स्वास्थ्य” विषय पर एक दिवसीय किसान संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कृषि वैज्ञानिकों के साथ मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती एवं सतत कृषि तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. एम. के. जाटव के संयोजन तथा डॉ. अनीता मीणा के सह-संयोजन में किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य शुष्क क्षेत्रों के किसानों को वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, मृदा संरक्षण तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था, ताकि सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।

डॉ. एम. के. जाटव ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मृदा उर्वरता में गिरावट, जैविक कार्बन की कमी तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग अपनाने की सलाह दी गई, जिससे आवश्यकतानुसार पोषक तत्वों का उपयोग कर लागत कम की जा सके तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनाए रखी जा सके।

डॉ. अनीता मीणा ने “मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित उर्वरक प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि वैज्ञानिक मृदा परीक्षण और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन आधुनिक कृषि की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को खेत से सही तरीके से मृदा नमूना लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।

उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कृषि पद्धतियाँ मृदा की संरचना सुधारने, जैविक कार्बन बढ़ाने, लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाने तथा दीर्घकालीन मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी हैं।

डॉ. एम. के. जाटव ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (INM) पद्धतियों की जानकारी देते हुए कहा कि जैविक खाद, हरी खाद, ढैंचा फसल, जैव उर्वरक तथा रासायनिक उर्वरकों के समन्वित उपयोग से उर्वरकों की बचत के साथ-साथ मृदा उर्वरता और फसल उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रबी फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग करने से खरीफ फसल में लगभग 25 प्रतिशत तक फॉस्फोरस उर्वरक की बचत संभव है।

डॉ. बी. आर. चौधरी ने शुष्क क्षेत्रों में कुकुरबिटेसी वर्गीय फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों, कम पानी में उत्पादन क्षमता तथा आर्थिक संभावनाओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. धुरंदर सिंह ने खेजड़ी आधारित कृषि प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण, पशुपालन सहायता, भूमि उर्वरता सुधार तथा अतिरिक्त आय का प्रभावी स्रोत बन सकती है।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने उर्वरक प्रबंधन, रोग नियंत्रण, सिंचाई व्यवस्था एवं फसल उत्पादन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका वैज्ञानिकों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। किसानों ने संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
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ग्राम रथ अभियानः दस दिनों में ढाई सौ से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंचे रथ, 95 हजार ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी

बीकानेर। प्रदेश के दूरस्थ गांव-ढाणी में रहने वाले ग्रामीणों को राज्य सरकार की योजनाओं और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) की जानकारी देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की पहल पर चल रहा ‘ग्राम रथ अभियान’ अब तक जिले की 250 से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है। इन रथों ने गुरुवार तक 95 हजार से अधिक ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी है। वहीं अब तक 13 विभागों के 2.07 लाख साहित्य का वितरण किया जा चुका है। कला जत्थों के माध्यम से ग्रामीण पारम्परिक तरीके से योजनाओं के बारे में जान रहे हैं। वहीं सुझाव पेटिकाओं में अपने क्षेत्र के सुनियोजित विकास से जुड़े सुझाव भी दे रहे हैं। प्रतिदिन होने वाली संध्या चौपाल ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनी है। प्रतिदिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा भी इन रथों का पूरे जोश और उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है।

प्रतिदिन हजारों लोग निभा रहे भागीदारी

अभियान की शुरूआत 28 अप्रैल को हुई। जिला मुख्यालय से इन रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद यह रथ पहले दिन 26 पंचायतों तक पहुंचे। इनमें 5 हजार 282 लोगों ने भाग लिया। इसी प्रकार 29 अप्रैल को 26 स्थानों पर 7 हजार 634, 30 अप्रैल को 28 स्थानों पर 8 हजार 456, 1 मई को 27 स्थानों पर 9 हजार 109, 2 मई को 28 स्थानों पर 9 हजार 465, 3 मई को 26 स्थानों पर 10 हजार 830, 4 मई को 28 स्थानों पर 9 हजार 576, 5 मई को 25 स्थानों पर 11 हजार 617, 6 मई को 27 स्थानों पर 11 हजार 266, 7 मई को 28 स्थानों पर 12 हजार 295 लोगों सहित कुल 266 ग्राम पंचायत मुख्यालय पर हुए कार्यक्रमों में 95 हजार 590 ग्रामीण शामिल हुए हैं।
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सप्तम राज्य वित्त आयोग की बैठक 13 एवं 14 मई को

बीकानेर, 8 मई। सप्तम राज्य वित्त आयोग द्वारा संभाग के शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के लिए सप्तम राज्य वित्त आयोग की बैठक 13 व 14 मई को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी।
संभागीय आयुक्त  विश्राम मीणा के निर्देशानुसार पंचायती राज संस्थाओं के 13 मई को अपराह्न 2:30 बजे बीकानेर संभाग के समस्त जिलों के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रधानों, विकास अधिकारियों के तथा शहरी स्थानीय निकाय को 14 मई को प्रातः 11:30 बजे महापौर, आयुक्त, नगर निगम,अध्यक्ष, सभापति, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, नगर परिषद, नगर पालिका, बीकानेर संभाग एवं क्षेत्रीय उपनिदेशक के साथ विचार विमर्श किया जाएगा। सभी प्रतिभागी अधिकारियों को आवश्यक प्रेजेंटेशन और सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है।
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उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में आवेदन की तिथि बढ़ाई
बीकानेर, 8 मई। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राजस्थान के मूल निवासियों के लिए अनुसूचित जाति, अनु.जनजाति, विशेष समूह योजना (पूर्व में विशेष पिछड़ा वर्ग), अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजनाओं की अंतिम तिथि में संशोधन किया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि राज्य की राजकीय एवं निजी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं एवं राज्य के बाहर की राजकीय, राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में प्रवेशित अथवा अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा वेबसाईट www.sjmsnew.rajasthan.gov.in/scholarship अथवा एसएसओ पोर्टल पर Scholarship sje App अथवा मोबाईल ऐप SJED APPLICATIONS के माध्यम से पेपरलेस आवेदन पत्र ऑनलाईन पंजीकरण करने, आवेदन पत्र भरने के लिए पूर्व में निर्धारित अंतिम तिथि में संशोधन किया गया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों द्वारा पेपरलेस ऑनलाईन आवेदन पत्र पंजीकरण करने, ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा नवीन पंजीयन अथवा पूर्व में पंजीकृत की मान्यता एवं पाठ्यक्रमवार फीस स्ट्रक्चर अद्यतन करने के लिए अंतिम तिथि अथवा पोर्टल बन्द करने की तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र भरने से पूर्व संबधित विद्यार्थी द्वारा अपने जनाधार पोर्टल पर जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आय घोषणा पत्र एवं अन्य जानकारियां अद्यतन करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योजनाओं से संबधित दिशा-निर्देश, नियम एवं संलग्न किये जाने वाले दस्तावेजों का भली भांति अध्ययन कर ही आवेदन करें। योजना से संबधित नियम, दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा संबंधित विश्वविद्यालय से शैक्षणिक सत्र 2025-26 की मान्यता या सम्बद्धता एवं पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्राप्त पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अथवा अपडेशन निर्धारित अवधि में अवश्य करवा लेवे। जिससे छात्रवृत्ति पोर्टल पर विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान का नाम प्रदर्शित हो सकेगा।
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आकाशवाणी के 90 वर्ष: वॉकाथॉन आयोजित

बीकानेर, 8 मई। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने (1936-2026) के उपलक्ष्य में शुक्रवार सुबह आकाशवाणी बीकानेर द्वारा आयोजित वॉकाथॉन
सुबह 6:15 बजे डॉ. करणीसिंह स्टेडियम के पास स्थित आकाशवाणी केंद्र से शुरू हुआ।
आकाशवाणी बीकानेर के उप महानिदेशक अभियांत्रिकी एवं क्लस्टर प्रमुख रामजी लाल असवल ने इस वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सहायक निदेशक अभियांत्रिकी गिरधारी राम बाटन, सहायक निदेशक अमित सिंह, सहायक निदेशक कार्यक्रम मीनाक्षी मलिक सहायक निदेशक अभियांत्रिकी श्री श्रवण कुमार रैगर इस दौरान मौजूद रहे।

वॉकाथॉन जूनागढ़ के आगे से होते हुए वापिस आकाशवाणी केंद्र पहुंची। यहाँ प्रतिभागियों को आकाशवाणी के गौरवपूर्ण 90 की याद दिलाता मेडल प्रदान किया गया। प्रतिभागी पूरे रास्ते ‘बहुजन हितायः बहुजन सुखाय’ के नारे लगाते चलते नजर आए। वॉकाथॉन के माध्यम से आकाशवाणी की 90 वर्षों की सेवा यात्रा को याद किया गया, कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक एकता और देश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।आकाशवाणी पिछले 90 वर्षों से देश के कोने-कोने तक सूचना, शिक्षा और मनोरंजन पहुंचा रहा है। यह वॉकाथॉन उसी जन-सेवा भावना का प्रतीक है। कार्यक्रम में शामिल स्थानीय नागरिकों ने इसे बेहद सकारात्मक अनुभव बताया। ‘स्वास्थ्य, एकता और विरासत’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में आकाशवाणी स्टॉफ, आकस्मिक कलाकारों , आम नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
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मुख्य अभियंता (गुण नियंत्रण इकाई) ने किया निरीक्षण

बीकानेर, 8 मई। जल संसाधन विभाग, जयपुर की गुण नियन्त्रण इकाई के मुख्य अभियंता श्री जितेन्द्र दीक्षित ने शुक्रवार को वैद्य मघा राम वितरिका के प्रगतिरत रीलाइनिंग कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का विस्तार से अवलोकन किया गया।

मुख्य अभियंता दीक्षित ने कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक को निर्माण कार्य में गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता संदीप भाटी एवं राजेश वर्मा, अधिशाषी अभियंता महेश चौधरी, रामस्वरूप सोहू एवं संवेदक भागचंद चौधरी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा मुख्य अभियंता को कार्य की प्रगति से संबंधित जानकारी दी गई।
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  • सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन और स्टॉक की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम
  • जिला पर्यावरण समिति, इको टूरिज्म एवं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एडीएम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
  • वन्यजीव गणना के अनुसार जिले में लगभग 7 हजार मोर पाए गए
  • मोबाइल एप से भी करा सकेंगे वन विभाग नर्सरी के पौधों की प्री बुकिंग

बीकानेर, 8 मई। अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) श्री सुरेश कुमार यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति, इको टूरिज्म, आरा मशीन, मोर शिकार प्रकरण तथा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पॉलीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत चर्चा की गई। एडीएम प्रशासन यादव ने शहर में बढ़ रहे प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण तथा आमजन को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।

सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन और स्टॉक की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि जिले में कहीं भी सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन की सूचना देने वाले को 15 हजार रुपये तथा इसके स्टॉक की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका के ईओ अथवा प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय के सहायक अभियंता मोबाइल नंबर 8723058586 पर भी सूचना दी जा सकती है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि पॉलीथिन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए कपड़े के थैलों का वितरण किया जाएगा तथा शहर और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर आमजन और बच्चों को पॉलीथिन के दुष्प्रभावों एवं इसके सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में यह दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाए जाएं कि वहां सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया जाता। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यार्थियों में सिविल सेंस विकसित करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक की खाली बोतलों को क्रश करने के लिए जिला अस्पताल परिसर में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रिवर्स वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। इसके अलावा देशनोक स्थित श्री करणी माता मंदिर परिसर में भी यह मशीन लगाई जा चुकी है, जहां शीघ्र ही विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाएगा।

जिले में सड़कों पर उड़ रही धूल से भी बढ़ रहा वायु प्रदूषण

बैठक के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। मीणा ने बताया कि बीकानेर में वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण सड़कों पर उड़ती धूल, वाहन प्रदूषण तथा औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला धुआं है। उन्होंने बताया कि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सामान्यतः 100 से 150 के बीच रहता है, जबकि सर्दियों में यह 200 से अधिक हो जाता है। इस पर सड़कों की नियमित सफाई और प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर जोर दिया गया।

वन्यजीव गणना के अनुसार जिले में लगभग 7 हजार मोर पाए गए

वन विभाग के अधिकारियों ने मोर शिकार प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले छह माह में जिले में मोर शिकार के केवल तीन मामले दर्ज हुए हैं। वन्यजीव गणना के अनुसार जिले में लगभग 7 हजार मोर पाए गए हैं।बैठक में आरा मशीनों के नवीनीकरण की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि जिले में संचालित 40 आरा मशीनों में से केवल 7 का ही नवीनीकरण हुआ है।जोड़बीड़ क्षेत्र में नगर निगम के कचरे के निस्तारण को लेकर निर्देश दिए गए कि कचरा बंद चैंबर या कमरे में डाला जाए ताकि वह इधर-उधर न फैले।

मोबाइल एप से पौधों की करा सकेंगे प्री बुकिंग

उपवन संरक्षक जी. वैंकटेश ने बताया कि मिशन हरियालो राजस्थान के अंतर्गत वन विभाग की नर्सरियों से विभिन्न विभाग हरियालो राजस्थान एप के माध्यम से पौधों की प्री-बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी नर्सरियों में कुल पौधों का 20 प्रतिशत हिस्सा रोहिड़े के पौधों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि जोड़बीड़, आरडी 682 सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर यदि वन विभाग वॉच टावर और बैठने की सुविधाएं विकसित करता है तो पर्यटन विभाग द्वारा 2 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा सकते हैं। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने की सहमति दी।

बैठक में उपवन संरक्षक जी. वैंकटेश, डीसीएफ वन्यजीव संदीप छलानी, एसीएफ श्रीमती पूजा पंचारिया ,प्रदूषण नियंत्रण मंडल आरएम राजकुमार मीणा, पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़, शिक्षा विभाग, उद्योग विभाग, जिला परिषद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में पॉलीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत चर्चा की गई। एडीएम प्रशासन यादव ने शहर में बढ़ रहे प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण तथा आमजन को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।

सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन और स्टॉक की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि जिले में कहीं भी सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन की सूचना देने वाले को 15 हजार रुपये तथा इसके स्टॉक की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका के ईओ अथवा प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय के सहायक अभियंता मोबाइल नंबर 8723058586 पर भी सूचना दी जा सकती है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि पॉलीथिन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए कपड़े के थैलों का वितरण किया जाएगा तथा शहर और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर आमजन और बच्चों को पॉलीथिन के दुष्प्रभावों एवं इसके सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में यह दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाए जाएं कि वहां सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया जाता। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यार्थियों में सिविल सेंस विकसित करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक की खाली बोतलों को क्रश करने के लिए जिला अस्पताल परिसर में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रिवर्स वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। इसके अलावा देशनोक स्थित श्री करणी माता मंदिर परिसर में भी यह मशीन लगाई जा चुकी है, जहां शीघ्र ही विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाएगा।

जिले में सड़कों पर उड़ रही धूल से भी बढ़ रहा वायु प्रदूषण

बैठक के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। मीणा ने बताया कि बीकानेर में वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण सड़कों पर उड़ती धूल, वाहन प्रदूषण तथा औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला धुआं है। उन्होंने बताया कि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सामान्यतः 100 से 150 के बीच रहता है, जबकि सर्दियों में यह 200 से अधिक हो जाता है। इस पर सड़कों की नियमित सफाई और प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर जोर दिया गया।

वन्यजीव गणना के अनुसार जिले में लगभग 7 हजार मोर पाए गए

वन विभाग के अधिकारियों ने मोर शिकार प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले छह माह में जिले में मोर शिकार के केवल तीन मामले दर्ज हुए हैं। वन्यजीव गणना के अनुसार जिले में लगभग 7 हजार मोर पाए गए हैं।बैठक में आरा मशीनों के नवीनीकरण की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि जिले में संचालित 40 आरा मशीनों में से केवल 7 का ही नवीनीकरण हुआ है।जोड़बीड़ क्षेत्र में नगर निगम के कचरे के निस्तारण को लेकर निर्देश दिए गए कि कचरा बंद चैंबर या कमरे में डाला जाए ताकि वह इधर-उधर न फैले।

मोबाइल एप से पौधों की करा सकेंगे प्री बुकिंग

उपवन संरक्षक जी. वैंकटेश ने बताया कि मिशन हरियालो राजस्थान के अंतर्गत वन विभाग की नर्सरियों से विभिन्न विभाग हरियालो राजस्थान एप के माध्यम से पौधों की प्री-बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी नर्सरियों में कुल पौधों का 20 प्रतिशत हिस्सा रोहिड़े के पौधों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि जोड़बीड़, आरडी 682 सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर यदि वन विभाग वॉच टावर और बैठने की सुविधाएं विकसित करता है तो पर्यटन विभाग द्वारा 2 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा सकते हैं। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने की सहमति दी।

बैठक में उपवन संरक्षक जी. वैंकटेश, डीसीएफ वन्यजीव संदीप छलानी, एसीएफ श्रीमती पूजा पंचारिया ,प्रदूषण नियंत्रण मंडल आरएम राजकुमार मीणा, पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़, शिक्षा विभाग, उद्योग विभाग, जिला परिषद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

ग्राम रथ अभियान: जिले की 23 ग्राम पंचायतों के 8 हजार से अधिक ग्रामीणों को दी सरकारी योजनाओं की जानकारी

बीकानेर, 8 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 28 अप्रैल से 17 मई तक आयोजित होने वाले ग्राम रथ अभियान के तहत शुक्रवार को जिले की 23 ग्राम पंचायत में 8 हजार 36 ग्रामीणों को ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट तथा राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। गांव-गांव पहुंचे ग्राम रथ ने कला जत्थों के कलाकारों के साथ पारंपरिक तरीके से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में बताया।

शुक्रवार को लूणकरणसर विधानसभा के खारडा, राजेरा, हेमेरा, शेरेरा और रुणिया बड़ा बास, नोखा के अणखीसर , सोमलसर, बीरमसर और रायसर, श्रीडूंगरगढ़ के धीरदेसर चोटियान, बिग्गा बास रामसरा और खाजूवाला के आनंदगढ़, बल्लर, 17 केएचएम, दंतौर और सियासर चौगान में तथा कोलायत विधानसभा के खिंदासर, भेलू, नांदड़ा, नेणिया और सियाणा में अभियान का आयोजन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने ग्राम रथ का स्वागत किया महिलाओं ने मंगल गीत गाकर इसकी अगवानी की। इस दौरान ग्रामीणों को अभियान से जुड़े 13 विभागों के 16 हजार 425 प्रचार साहित्य वितरित किए गए।
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प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) सीधी भर्ती परीक्षा-2026 तथा प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) सीधी भर्ती परीक्षा-2026

अनुपस्थित रहने वाले वीक्षकों और अन्य कार्मिकों के विरुद्ध होगी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही

बीकानेर, 8 मई। शनिवार और रविवार को आयोजित होने वाली प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) सीधी भर्ती परीक्षा-2026 तथा प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) सीधी भर्ती परीक्षा-2026 में अनुपस्थित रहने वाले वीक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े कार्मिकों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

परीक्षा समन्वयक तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) श्री रमेश देव ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 9 और 10 मई को प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) सीधी भर्ती परीक्षा-2026 तथा प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) सीधी भर्ती परीक्षा-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न कार्मिकों को वीक्षक नियुक्त किया गया है। अनेक केंद्रों पर वीक्षण कार्य के लिए नियुक्त शिक्षकों/ कार्मिकों द्वारा अन्य कार्य का उल्लेख करते हुए परीक्षा कार्य हेतु उपस्थित नहीं दी जा रही है, इससे परीक्षा के सफल संचालन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके मध्यनजर उन्होंने वीक्षण कार्य और अन्य समस्त परीक्षा संबंधित ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों और उनके नियंत्रण अधिकारियों (प्राचार्य) को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा कार्य के लिए निर्देशित परीक्षा केंद्र पर नियुक्त कार्मिक की यथा समय उपस्थिति सुनिश्चित करें। अन्यथा परीक्षा कार्य के लिए उपस्थित नहीं होने को परीक्षा कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया जाना मानकर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित नियंत्रण अधिकारी अथवा कार्मिक की होगी।
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  • जनगणना 2027: प्रथम चरण को लेकर जनगणना निदेशक बिष्णु चरण मलिक ने ली समीक्षा बैठक
  • जिले में पहले चरण की तैयारी बताई अच्छी लेकिन स्वगणना की प्रगति बढ़ाने के दिए निर्देश
  • जनगणना 2027 के प्रथम चरण की थीम है ”कोई घर ना छूटे”
  • जनगणना 2027 के तहत घरों पर जाने वाले प्रगणकों को दिए गए हैं कई अधिकार

बीकानेर, 08 मई। जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री बिष्णु चरण मलिक ने शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के संबंध में जिले की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक ली। श्री मलिक ने जिले में प्रथम चरण की तैयारी अच्छी बताई लेकिन जिले में 01 मई से 15 मई तक चल रही स्वगणना की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

  • 01 मई से 15 मई तक चल रही स्वगणना का करें प्रचार प्रसार

मलिक ने जिले में 01 मई से 15 मई तक चल रही स्वगणना के आमजन में प्रचार प्रसार को लेकर नगर निगम के कचरा उठाने वाले टीपर्स पर बैनर लगाने और उस पर लगे लाउडस्पीकर पर जिंगल्स चलाने हेतु निर्देशित किया। साथ ही कहा कि जिले के सभी सरकारी कार्मिकों से स्वगणना का कार्य शत प्रतिशत करवाएं। मीडिया के सहयोग से आमजन तक स्वगणना के बारे में जानकारी पहुंचाएं।

  • जनगणना 2027 के तहत घरों पर जाने वाले प्रगणकों को दिए गए हैं कई अधिकार

जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक श्री बिष्णु चरण मलिक ने बताया कि जनगणना 2027 के तहत प्रगणकों को अधिकार दिए गए हैं कि वो संबंधित सभी घरों में प्रवेश कर सकेगे, उन्हें संबंधित घरों में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता और ना ही उन्हें जानकारी देने से मना कर सकता है। साथ ही बताया कि प्रगणक गली और मोहल्ले के हिसाब से प्रत्येक घर पर जो भी नंबर लिखेगा उसे मिटा नहीं सकते। प्रगणक की ड्यूटी होगी कि वह 33 पॉइंट की विभिन्न सूचना एकत्र करेगा।

  • जनगणना 2027: प्रथम चरण की थीम ”कोई घर ना छूटे”

मलिक ने बताया कि जनगणना 2027: प्रथम चरण की थीम ”कोई घर ना छूटे” और दूसरे चरण की थीम ”कोई व्यक्ति ना छूटे” है। विदित है कि भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण तथा मकान गणना एवं द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा राज्य में स्वगणना 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक तथा मकान सूचीकरण एवं मकान गणना 16 मई 2026 से 14 जून च2026 तक फिल्ड कार्य किया जाना है। भारत सरकार के निर्दैशानुसार जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजीटल जनगणना होगी।

  • इससे पूर्व प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं आयुक्त नगर निगम सिद्धार्थ

पालानिचामी व उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री धर्मपाल खीचड़,ने पीपीटी के जरिए जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बैठक में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं आयुक्त नगर निगम सिद्धार्थ पालानिचामी,संभागीय जनगणना अधिकारी एवं संभागीय आयुक्त के प्रतिनिधि के रूप में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री जसवंत सिंह,जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश कुमार यादव नगर जनगणना अधिकारी एवं उपायुक्त नगर निगम यशपाल आहूजा, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी धर्मपाल खीचड़, उपखंड जनगणना अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी आईएएस सुश्री महिमा कसाना, चार्ज जनगणना अधिकारी एवं तहसीलदार निशिकांत समेत जनगणना को लेकर जिले के मास्टर ट्रेनर विपिन सैनी, वाई बी माथुर, समेत अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।