बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार

- कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
- मासिक तकनीकी कार्यशाला में उन्नत कृषि तकनीकों पर चर्चा, लंबित पत्रावलियों के सत्यापन के दिए निर्देश
बीकानेर, 6 अक्टूबर । कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), बीकानेर के सभागार में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं फील्ड फंक्शनरीज की मासिक तकनीकी कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक निदेशक कृषि मीनाक्षी शर्मा ने की।


कार्यशाला में जिले में उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा देने, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा किसानों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।


सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि बीकानेर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस एवं शेडनेट हाउस में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के माध्यम से सब्जियों के क्षेत्रफल विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत लंबित पत्रावलियों के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत सामुदायिक जल स्रोत निर्माण के लिए पात्र अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों से आवेदन करवाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर पात्र किसानों से संपर्क कर योजना की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों के आवेदन करवाने के लिए कहा गया। योजना के तहत तीन किसानों के समूह द्वारा सामुदायिक जल स्रोत का निर्माण किए जाने पर उद्यान विभाग द्वारा अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
कृषि अधिकारी मीनाक्षी पंवार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कृषि अधिकारी रमेश भांभू ने सूक्ष्म सिंचाई योजना सहित विभागीय योजनाओं एवं किसानों को मिलने वाले लाभ के संबंध में फील्ड फंक्शनरीज को बिंदुवार जानकारी दी।
कार्यशाला में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी देवेंद्र सिंह, बलराम स्वामी, राकेश कुमार, विनोद कुमार, रितिका शर्मा, प्रियंका, चंद्रकला, कविता, सोनिया, बहादुर सिंह, सुन्दर सिंह, धर्माराम, महावीर गोदारा, रवीना, नवीना, अशोक रोंझ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
===============
कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
मासिक तकनीकी कार्यशाला में उन्नत कृषि तकनीकों पर चर्चा, लंबित पत्रावलियों के सत्यापन के दिए निर्देश
बीकानेर, 6 अक्टूबर। कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), बीकानेर के सभागार में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं फील्ड फंक्शनरीज की मासिक तकनीकी कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक निदेशक कृषि मीनाक्षी शर्मा ने की।
कार्यशाला में जिले में उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा देने, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा किसानों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि बीकानेर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस एवं शेडनेट हाउस में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के माध्यम से सब्जियों के क्षेत्रफल विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत लंबित पत्रावलियों के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत सामुदायिक जल स्रोत निर्माण के लिए पात्र अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों से आवेदन करवाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर पात्र किसानों से संपर्क कर योजना की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों के आवेदन करवाने के लिए कहा गया। योजना के तहत तीन किसानों के समूह द्वारा सामुदायिक जल स्रोत का निर्माण किए जाने पर उद्यान विभाग द्वारा अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
कृषि अधिकारी मीनाक्षी पंवार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कृषि अधिकारी रमेश भांभू ने सूक्ष्म सिंचाई योजना सहित विभागीय योजनाओं एवं किसानों को मिलने वाले लाभ के संबंध में फील्ड फंक्शनरीज को बिंदुवार जानकारी दी।
कार्यशाला में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी देवेंद्र सिंह, बलराम स्वामी, राकेश कुमार, विनोद कुमार, रितिका शर्मा, प्रियंका, चंद्रकला, कविता, सोनिया, बहादुर सिंह, सुन्दर सिंह, धर्माराम, महावीर गोदारा, रवीना, नवीना, अशोक रोंझ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
=========
उद्यानिकी गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित
बीकानेर, 6 अक्टूबर। उद्यान आयुक्तालय द्वारा प्रदत निर्देशों की अनुपालना में मंगलवार को बीकानेर खण्ड के संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. धर्मवीर डूडी की अध्यक्षता में कृषि भवन परिसर स्थित उद्यान कार्यालय में उद्यानिकी गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
उप निदेशक उद्यान अनुसंधान (एटीसी) श्री प्रेमाराम ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि, सूक्ष्म सिंचाई योजना इत्यादि में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्राप्त कार्य योजना व लक्ष्यों के विरुद्ध अर्जित प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जिले के लिए 171.75 लाख रुपए के परियोजना प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत बगीचा स्थापना, सामुदायिक जल स्त्रोत, पाॅली हाउस, शेडनेट हाउस, हाईवेल्यू वेजिटेबल्स, प्लास्टिक मल्चिंग व वर्मी कम्पोस्ट संरचना निर्माण पर देय अनुदान से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है।
सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 6479 हैक्टेयर की कार्य योजना स्वीकृत हुए हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना में ड्रिप 32 हैक्टेयर, मिनी फव्वारा 454 हैक्टेयर व फव्वारा 5993 हैक्टेयर में प्राप्त लक्ष्य, किसानों को 70-75 अनुदान से लाभान्वित किया जा रहा है।
श्री गहलोत ने बताया कि जिले को पहली बार राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत 17 सामुदायिक जल स्त्रोत के निर्माण पर देय अनुदान हेतु 306 लाख रुपए की कार्य योजना स्वीकृत हुई है।
संयुक्त निदेशक उद्यान ने निर्देशित किया कि उद्यानिकी योजनाओं लम्बित देनदारियों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की कार्यवाही करें। साथ ही निर्देश दिए कि इस वित्तीय वर्ष हेतु प्राप्त लक्ष्यों के विरुद्ध प्रशासनिक स्वीकृति एवं कार्यादेश जारी कर अधिकाधिक किसानों को उद्यानिकी गतिविधियों से लाभान्वित किया जाए।
समीक्षा बैठक में उद्यानिकी विभाग अधिकारी श्री रमेश भांभू, श्री जोधराज कालीरावणा, श्री लक्ष्मण सिंह शेखावत, श्री मो. इस्माईल, श्री जगवीर बेनीवाल, श्री अशोक गोदारा, श्री धर्मपाल, श्री बी एल सैनी, श्री ओ पी गोदारा, श्री करणीदान इत्यादि उपस्थित रहे।
====
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बुधवार को बीकानेर आएंगे
बीकानेर, 6 अक्टूबर। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल 7 अक्टूबर (बुधवार) को बीकानेर के दौरे पर रहेंगे।
मेघवाल मंगलवार रात 11.35 बजे ट्रेन दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से बीकानेर के लिए रवाना होंगे और 7 अक्टूबर प्रातः 7.20 बजे बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुँचेंगे।
केंद्रीय कानून मंत्री प्रातः 8.30 सेवा ज्योति यात्रा एवं विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके पश्चात वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री 7 अक्टूबर की रात 10.10 बजे रेल मार्ग से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे
====
- पर्यावरणीय जागरूकता समय की मांग : कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई
- अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICMRESRT-2026 के आधिकारिक ब्रोशर का हुआ विमोचन
- 27 एवं 28 नवंबर को राजकीय डूंगर महाविद्यालय में होगा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
बीकानेर, 6 अक्टूबर। राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्रताप सभागार में “पर्यावरण स्थिरता एवं विकिरण विष विज्ञान में बहुविषयक अनुसंधान ” विषय पर आयोजित होने वाले आगामी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICMRESRT-2026 के आधिकारिक ब्रोशर का विमोचन समारोह मंगलवार को आयोजित किया गया।महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए सम्मेलन के ब्रोशर का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय जागरूकता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से “प्रकृति के प्रति दयालु बनें” की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
प्रो.बिश्नोई ने कहा कि पर्यावरण संतुलन तथा विकिरण के प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन मानव जीवन और प्रकृति दोनों के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने राजकीय डूंगर महाविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर द्वारा इंडियन सोसाइटी फॉर रेडिएशन बायोलॉजी (ISRB) के सहयोग से यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 27 एवं 28 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का मूल ध्येय वाक्य “प्रकृति के प्रति दयालु बनें” (Be Kind to Mother Nature) रखा गया है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. के. पुरोहित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा विकिरण विष विज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर वैश्विक स्तर के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को एक साझा मंच उपलब्ध करवाना है।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में बीकानेर की विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों सहित शहर की गणमान्य हस्तियां, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
प्रो. ममता शर्मा ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया। अंत में आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया तथा शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया।
==========
उपभोक्ता हितों की सुरक्षा हेतु विभाग सख्त, जिले में इंडस्ट्रीज पर डिब्बा बंद वस्तुओं का किया औचक निरीक्षण अभियान, जांच में 4 प्रतिष्ठानों पर विभिन्न अनियमिताएं पाए जाने पर लगाया 50 हज़ार रुपये जुर्माना
बीकानेर, 6 अक्टूबर। विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 तथा राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 के तहत जिले में औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध व्यापक औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत गठित विभागीय जांच दल विधिक माप विज्ञान अधिकारी श्री दीपक पूनिया के नेतृत्व में जिला में कुल 4 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान श्री हरि फूड्स बीछवाल, स्टैंडर्ड टी एजेंसी जेएनवी कॉलोनी, मोहन जी पंसारी हर्बल प्रोडक्ट्स रानी बाजार एवं धी फूड प्रोडक्ट्स पर असत्यापित बाट व कांटे, पैकर रजिस्ट्रेशन न पाया जाना एवं आवश्यक घोषणाओं की कमी पाए जाने कर विभिन्न अनियमिताएं पर कुल 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
उपभोक्ताओं को सही नाप तौल, सही एमआरपी एवं यूएसपी यूनिट सेल मूल्य तथा मैन्युफैचरर पैकर एड्रेस की सूचना देना सभी प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने बताया किआगामी दिनों में सम्पूर्ण राजस्थान में औद्योगिक इकाइयों पर डिब्बा बंद वस्तुओं पर नियमित जांच जारी रहेगी तथा दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करना तथा आमजन को सही माप-तौल के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित कराना है, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध होगी।
=======
वन्यजीव सप्ताह के तहत पोस्टर मेकिंग, क्विज एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन
नेचर विजिट और वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण का संदेश
बीकानेर, 6 अक्टूबर। वन विभाग की ओर से आयोजित वन्यजीव सप्ताह-2026 के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पवनपुरी दक्षिण विस्तार में पोस्टर मेकिंग, रंगोली एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। डीएफओ वाइल्डलाइफ श्री तरुण मेहरा ने बताया कि प्रतियोगिताओं में शहर के 18 राजकीय एवं निजी विद्यालयों के लगभग 175 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पोस्टर मेकिंग एवं रंगोली प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों के वन्यजीव, वनस्पति, पर्यावरण एवं जैव विविधता संबंधी ज्ञान का परीक्षण किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टर एवं रंगोली के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का प्रभावी संदेश दिया गया।
सभी प्रतियोगिताओं का संयोजन श्री वनीष मेहता द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रचना गुप्ता, श्रीमती विभा महर्षि, श्रीमती नीलम शर्मा एवं श्री मोहम्मद रमजान द्वारा किया गया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में श्री राम कुमार कासनिया, श्री भूपेंद्र जैन, श्रीमती सविता राव एवं श्री ललित मुंजाल शामिल रहे।
जोडबीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में विद्यार्थियों की नेचर विजिट
डीएफओ वाइल्डलाइफ तरुण मेहरा ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह के तहत विद्यार्थियों को जोडबीड़ कंजर्वेशन रिजर्व का शैक्षणिक एवं प्रकृति भ्रमण करवाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को थार मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय जैव विविधता, वनस्पतियों एवं वन्यजीवों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, उनके संरक्षण तथा मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न प्रजातियों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत करवाया गया।
नेचर विजिट के दौरान डॉ. चन्दन राजपुरोहित, वैज्ञानिक (Scientist) द्वारा विद्यार्थियों को थार मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय जैव विविधता, वनस्पतियों एवं वन्यजीवों तथा उनके संरक्षण के संबंध में विशेषज्ञ जानकारी प्रदान की गई।
पब्लिक पार्क चौपाटी में वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी
डीएफओ वाइल्डलाइफ तरुण मेहरा ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत पब्लिक पार्क चौपाटी में आयोजित वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी आज आमजन के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 8 बजे तक खुली रही। प्रदर्शनी में वन्यजीवों, प्राकृतिक परिवेश एवं जैव विविधता से संबंधित आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों एवं प्रकृति प्रेमियों ने सहभागिता की। छायाचित्रों के माध्यम से आमजन को स्थानीय वन्यजीवों, उनके प्राकृतिक आवास तथा वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण के महत्व से अवगत करवाया गया।
मेहरा ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह-2026 के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को वन्यजीव, प्रकृति एवं जैव विविधता से जोड़ना तथा प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूकता विकसित करना है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी एवं प्रकृति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह के अवसर पर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
========
