ब्रह्माकुमारियों ने बांधा स्नेह व आत्मीयता का प्रतीक रक्षा का सूत्र, सार्दुलगंज केंद्र में धूमधाम से मना रक्षाबंधन
ब्रह्माकुमारियों ने बांधा स्नेह व आत्मीयता का प्रतीक रक्षा का सूत्र, सार्दुलगंज केंद्र में धूमधाम से मना रक्षाबंधन


बीकानेर, 28 अगस्त । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सार्दुलगंज स्थित क्षेत्रीय केंद्र में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व आध्यात्मिक माहौल और सामूहिक सहज राजयोग साधना के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया।


संभागीय आयुक्त व गणमान्यजनों को बांधी राखी


केंद्र की संचालिका बी.के. कमल के नेतृत्व में बी.के. रजनी और बी.के. राधा ने संभागीय आयुक्त विश्राम मीना तथा महिला उद्योगपति सुशीला अग्रवाल सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, बुजुर्गों एवं केंद्र में आने वाले भाई-बहनों के भाल पर कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया। इसके पश्चात सभी का मुंह मीठा करवाकर कलाई पर स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक रक्षासूत्र बांधा गया।
जीवन को पावन और श्रेष्ठ बनाने के 5 सूत्र
मुख्य उत्सव को संबोधित करते हुए बी.के. कमल ने मुख्य प्रशासिका मोहिनी दीदी के संदेश का स्मरण कराया। उन्होंने रक्षाबंधन के पर्व पर 5 मुख्य संकल्पों को जीवन में उतारने का आह्वान किया:
संपूर्ण निर्विकारी बनना: सर्व गुणों और कलाओं से संपन्न होकर जीवन को पावन बनाना।
व्यर्थ से दूरी: व्यर्थ बातें न सुनना और न ही सुनाना, केवल शुद्ध व श्रेष्ठ चिंतन करना।
सपूत बनकर सबूत देना: आज्ञाकारी, वफादार और ईमानदार बनकर जीवन जीना।
ईश्वरीय स्मृति: एक परमपिता परमात्मा के सिवाय किसी अन्य का चिंतन न करना।
दिव्य गुणों का धारणा: नम्रता, मधुरता, धैर्यता, सच्चाई और पवित्रता से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना।
बी.के. कमल ने कहा कि अपने शुद्ध और पवित्र संकल्पों की शक्ति से ही तमोगुणी वायुमंडल को परिवर्तित किया जा सकता है, जो वर्तमान समय की सबसे श्रेष्ठ सेवा है।
