नेपाल-चीन सीमा पर भीषण प्राकृतिक आपदा, सैकड़ों विदेशी पर्यटकों समेत करीब 1,500 लोग लापता
नेपाल-चीन सीमा पर भीषण प्राकृतिक आपदा, सैकड़ों विदेशी पर्यटकों समेत करीब 1,500 लोग लापता


काठमांडू/नई दिल्ली, 28 अगस्त । नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और जल प्रलय ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों से करीब 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। रसुवा जिले और भोटेकोशी नदी के उफान से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।


नेपाल और तिब्बत में लापता लोगों की स्थिति
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार लापता लोगों का विवरण इस प्रकार है।


तिब्बत क्षेत्र: चीन के तिब्बत इलाके में 588 लोग आधिकारिक रूप से लापता हैं।
विदेशी पर्यटक: नेपाल में 579 विदेशी नागरिक और पर्यटक संपर्क से बाहर हैं।
हाइड्रो पावर कर्मचारी: जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 162 स्टाफ सदस्य लापता हैं।
सुरक्षाकर्मी: राहत कार्य में जुटे नेपाल सशस्त्र बलों के 85 जवान लापता हैं।
संरचनात्मक नुकसान: बाढ़ के तेज बहाव में 35 पक्के पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है।
290 भारतीय नागरिक अब भी लापता, 84 का सुरक्षित रेस्क्यू
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल में फंसा 290 भारतीय नागरिकों का दल अब भी लापता है, जिनसे संपर्क साधने के प्रयास जारी हैं।
हालांकि, राहत अभियानों के तहत 84 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है—जिसमें त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट में कार्यरत 63 वर्कर्स और तमिलनाडु के 21 नागरिक शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने जारी किए 24×7 हेल्पलाइन नंबर
नेपाल की स्थिति पर लगातार निगरानी के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो सातों दिन 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
MEA कंट्रोल रूम नंबर: +91 11 2308 8718, +91 11 2308 8719, +91 11 2301 2113
इसके अतिरिक्त, रायपुर (छत्तीसगढ़) की लापता पर्यटक मोनिका यादव की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने भी हेल्पलाइन जारी की है:
छत्तीसगढ़ राज्य हेल्पलाइन: 1070 एवं +91 771 2223471
यूपी और बिहार के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट
नेपाल में कोसी, गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भारत के सीमावर्ती राज्यों—उत्तर प्रदेश और बिहार—में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज व कुशीनगर तथा बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
