जयपुर के कारोबारी पर बीकानेर से 1.41 करोड़ के 14 जड़ाऊ आभूषण हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

जयपुर के कारोबारी पर बीकानेर से 1.41 करोड़ के 14 जड़ाऊ आभूषण हड़पने का आरोप
STBA 5 JUNE 2026
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बीकानेर , 28 अगस्त । बीकानेर में जयपुर के एक सर्राफा व्यापारी पर 1.41 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 14 सोने के जड़ाऊ सेट हड़पने के गंभीर आरोप में नयाशहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोर्ट में पेश इस्तगासे के आदेश के बाद की गई है।

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इकरारनामा कर ले गया 14 जड़ाऊ सेट, फिर फोन बंद कर हुआ फरार

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मुरलीधर व्यास कॉलोनी निवासी परिवादी योगेश कुमार सोनी (आभूषण ब्रोकर) के अनुसार, आरोपी व्यापारी 27 फरवरी 2026 को बीकानेर आया था। उसने विभिन्न स्थानीय कारीगरों व सर्राफा कारोबारियों (महेंद्र सोनी, इंद्र सोनी, ऋतुराज सोनी, किशन सोनी, रमेश सोनी, आनंद सोनी और योगेश सोनी) के 14 जड़ाऊ सेट पसंद किए, जिनकी कुल कीमत 1,41,61,365 रुपये थी।

आरोपी ने 15 दिनों के भीतर भुगतान करने अथवा गहने वापस लौटाने का लिखित इकरारनामा कर आभूषण हासिल किए। तय समय बीतने के बाद आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और अंततः अपना फोन बंद कर फरार हो गया। परिवादी का आरोप है कि आरोपी ने कुछ आभूषण बेचकर रकम का गबन कर लिया है। पुलिस में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली, जहां से धोखाधड़ी व आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी हुए।

क्या है जड़ाऊ आभूषण कला और इसकी विशेषताएं?

प्राचीन कला एवं तकनीक: जड़ाऊ मुगलकालीन भारत की एक पारंपरिक आभूषण कला है, जो राजस्थान (विशेषकर बीकानेर और जयपुर) में बेहद प्रसिद्ध है। इसमें सोने को पिघलाए बिना कीमती रत्नों को सोने के ढांचे में बारीकी से जड़ा जाता है।

कुंदन और मीनाकारी का संगम: इसके अग्रभाग पर कुंदन का काम (शुद्ध 22-24 कैरट सोने की पतली पन्नी से हीरे व पन्ना जड़ना) तथा पिछले भाग पर बारीक मीनाकारी की नक्काशी होती है।

सामग्री व हस्तशिल्प: इसमें मुख्य रूप से अनकट डायमंड (पोल्की), माणिक, पन्ना और सच्चे मोतियों का प्रयोग होता है। यह पूर्णतः हस्तनिर्मित कला है, जिसे बनाने में कई कारीगरों (चितेरे, मीनाकार, जड़िया) को महीनों का समय लगता है।

जड़ाऊ, कुंदन और पोल्की में अंतर: ‘कुंदन’ जड़ने की तकनीक है, ‘पोल्की’ इस्तेमाल होने वाला बिना तराशा हीरा है, तथा इन सभी शिल्पकलाओं और रत्नों के संयोजन से तैयार अंतिम आभूषण ‘जड़ाऊ’ कहलाता है।