खेजड़ली उच्छब में जिला प्रशासन की रहेगी सक्रिय भागीदारी, जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश
खेजड़ली उच्छब में जिला प्रशासन की रहेगी सक्रिय भागीदारी, जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश


- सुजानदेसर में जनभागीदारी से रोपे जाएंगे 11,000 खेजड़ी के पौधे, संत-महंतों सहित कई सामाजिक संगठन देंगे सहयोग
बीकानेर, 2 जुलाई । जिला कलेक्टर निशांत जैन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला शिक्षा अधिकारी, स्काउट व एनसीसी के अधिकारियों और पंचायत समिति को आगामी 5 जुलाई को सुबह 6 से 10 बजे तक आयोजित होने वाले ‘खेजड़ली उच्छब’ में सक्रिय रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं. पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रहेगी.


इससे पूर्व, बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के संयोजक एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में मंच के एक शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर निशांत जैन से मुलाकात कर आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की थी. शिष्टमंडल ने अवगत कराया कि बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के संयोजन में व्यापक जनभागीदारी के साथ 5 जुलाई को सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पास भव्य स्तर पर 11,000 खेजड़ी के पौधे सुबह 6 बजे से 10 बजे के बाद तक लगाए जाएंगे. जिला कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम की सराहना करते हुए प्रशासनिक स्तर पर पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया.


इस महा-अभियान में नगर निगम, बीडीए (नगर विकास न्यास), बार एसोसिएशन बीकानेर, न्यायिक अधिकारीगण, न्यायिक कर्मचारी संघ, वन विभाग, संभागीय आयुक्त कार्यालय, जिला प्रशासन, क्षेत्र के सभी विश्वविद्यालय, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, महावीर इंटरनेशनल, माहेश्वरी सभा, बीकानेर व्यापार उद्योग संघ, ‘आवर फॉर नेशन’, आईसीएसआई (ICSI) बीकानेर चैप्टर और नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट समेत विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने अपनी सहभागिता की लिखित सहमति प्रदान की है.
इस आयोजन को आध्यात्मिक संतों का भी भरपूर सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है. अभियान में राष्ट्रीय संत रामझरोखा के श्री सरजूदास जी महाराज, शिवबाड़ी मठ के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द जी महाराज, श्री ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम (गायत्री पीठ) सागर के अधिष्ठाता दाता श्री रामेश्वरानन्द जी महाराज एवं बिश्नोई समाज के स्वामी शुक्राचार्य जी महाराज का विशेष सहयोग व सान्निध्य रहेगा. इसके साथ ही देश की तीन प्रतिष्ठित पद्मश्री विभूतियों ने भी इस उत्सव में शामिल होने की अपनी स्वीकृति प्रदान की है. वर्तमान में आयोजन स्थल पर खेजड़ली उच्छब को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.


