डीके शिवकुमार आज लेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ
डीके शिवकुमार आज लेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ


- कनकपुरा में जश्न का माहौल, मंत्रिमंडल पर हाईकमान का फैसला जल्द
- बंगलुरु के लोक भवन में बुधवार शाम 4 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह; सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद पूरा हुआ नेतृत्व परिवर्तन
- कनकपुरा में समर्थकों ने लगाए बड़े कटआउट; दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी के साथ कैबिनेट गठन पर हुआ अंतिम मंथन
बंगलुरु/नई दिल्ली, 3 जून । कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आज अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार बुधवार शाम 4 बजे बंगलुरु के लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक पल से पहले उनके गृह क्षेत्र कनकपुरा सहित पूरे राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।


सिद्धरमैया के इस्तीफे और ‘ढाई-ढाई साल फॉर्मूले’ से बदली सत्ता की कमान
कर्नाटक में इस बड़े राजनीतिक बदलाव की पटकथा 28 मई को लिखी गई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बंपर जीत के बाद आलाकमान ने दोनों शीर्ष नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय किया था। सिद्धरमैया द्वारा अपना कार्यकाल पूरा करने और कांग्रेस हाईकमान का स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद पद छोड़ा गया। इसके तुरंत बाद पार्टी नेतृत्व ने सिद्धरमैया के कद और अनुभव को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का सदस्य नियुक्त कर दिया है।


कैबिनेट सूची पर दिल्ली में महामंथन, अटकलें खारिज
शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच एक अतिमहत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में नए मंत्रिमंडल के गठन, विभागों के बंटवारे और राज्यसभा नामांकनों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
शपथ ग्रहण से पहले मीडिया में चल रही संभावित मंत्रियों की सूचियों पर विराम लगाते हुए डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया या खबरों में आ रहे नाम आधिकारिक नहीं हैं। नए मंत्रिमंडल की अंतिम और अधिकृत सूची कांग्रेस हाईकमान द्वारा तय समय पर जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आज शाम शपथ ग्रहण के ठीक बाद पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें होंगी, जिसके तुरंत बाद नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी आयोजित की जाएगी।
छात्र राजनीति से सत्ता के शिखर तक का सफर
15 मई 1962 को कनकपुरा में जन्मे डोड्डालहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार (डीके शिवकुमार) ने 1980 के दशक में छात्र राजनीति (NSUI) से अपने करियर की शुरुआत की थी। 1985 में अपना पहला चुनाव हारने के बाद, उन्होंने हार नहीं मानी और 1989 में मात्र 27 वर्ष की उम्र में पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद से वे लगातार आठ बार विधानसभा चुनाव जीतकर अजेय रहे हैं। गांधी परिवार (सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी) के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाने वाले शिवकुमार 2020 से कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
कांग्रेस के ‘संकटमोचक’ और कुशल रणनीतिकार
डीके शिवकुमार को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के सबसे बड़े ‘ट्रबलशूटर’ (संकटमोचक) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने पार्टी को कई बड़े राजनीतिक संकटों से उबारा है:
2002 का महाराष्ट्र संकट: तत्कालीन शहरी विकास मंत्री रहते हुए उन्होंने विलासराव देशमुख सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस-एनसीपी विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से सुरक्षित बचाया था।
2017 का गुजरात राज्यसभा चुनाव: अहमद पटेल के ऐतिहासिक राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने गुजरात के विधायकों की घेराबंदी कर कांग्रेस की रणनीति को सफल बनाया।
2023 कर्नाटक चुनाव और भारत जोड़ो यात्रा: राज्य में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने और राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को कर्नाटक में ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के पीछे उनका कुशल प्रबंधन ही था।
वर्ष 2019 में कुछ समय के लिए कानूनी विवादों के कारण जेल जाने के बावजूद उनका राजनीतिक ग्राफ कभी नीचे नहीं गिरा। आज शाम होने वाले इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक में आधिकारिक रूप से ‘शिवकुमार युग’ की शुरुआत हो जाएगी, जिसे दक्षिण भारत में कांग्रेस संगठन को और अधिक आक्रामक और मजबूत बनाने के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


