केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका


- नीट पेपर लीक मामला पर बीकानेर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
बीकानेर, 13 मई। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज बीकानेर शहर और देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कोटगेट पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीट (NEET-UG) परीक्षा लीक और उसे रद्द किए जाने को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया।


“भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से कर रही खिलवाड़”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शहर जिलाध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का सही संचालन न हो पाना शिक्षा मंत्रालय की भारी विफलता है।


इस्तीफे की मांग: मेघवाल ने मांग की कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें और दोषियों पर उम्रकैद जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने घेरा: “घोटाला पार्टी बन गई है भाजपा”
कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाजपा की नीतियों की जमकर आलोचना की।
सह प्रभारी मुश्ताक खान: उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फेरने के गंभीर परिणाम भाजपा को भुगतने होंगे।
यशपाल गहलोत (पूर्व प्रत्याशी): गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा के राज में स्वास्थ्य, सेना भर्ती और परीक्षा, हर क्षेत्र में केवल घोटाले नजर आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा को ‘घोटाला पार्टी’ करार दिया।
हाजी जिया उर रहमान आरिफ व प्रहलाद सिंह मार्शल: इन नेताओं ने कहा कि भाजपा को देश की युवा प्रतिभाओं से कोई सरोकार नहीं है और परीक्षा रद्द होना इस बात का पुख्ता सबूत है।
नारेबाजी से गूंजा कोटगेट
पूर्व संगठन महासचिव नितिन वत्सस और प्रवक्ता पूनमचंद भांभू के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “भाजपा मुर्दाबाद” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे गगनभेदी नारे लगाए।
प्रदर्शन में मौजूद रहे प्रमुख नेता
इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष आनंद सिंह सोढा, सुमित कोचर, जाकिर नागौरी, देहात उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति मेघवाल, महिला कांग्रेस की शर्मिला पंचारिया, वंदना गुप्ता, सरदार अमरीक सिंह, और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के हसन अली गौरी सहित बड़ी संख्या में पार्षद, मंडल अध्यक्ष और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि युवाओं को न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।


