बीकानेर में परिवहन विभाग में नेशनल परमिट सेवा ठप, बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक; वाहन स्वामियों में भारी रोष
बीकानेर में परिवहन विभाग में नेशनल परमिट सेवा ठप, बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक; वाहन स्वामियों में भारी रोष


बीकानेर, 13 मई। परिवहन विभाग के बीकानेर रीजनल ऑफिस में पिछले दो दिनों से नेशनल परमिट संबंधी कार्य पूरी तरह बंद होने से वाहन स्वामियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ट्रक, डंपर और ट्रेलर जैसे व्यावसायिक वाहनों के परमिट जारी नहीं होने के कारण सैकड़ों वाहन राज्य की सीमाओं पर खड़े हैं, जिससे माल ढुलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।


GPS की अनिवार्यता ने रोकी परमिट की राह
जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग ने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (GPS) की अनिवार्यता लागू करते हुए ‘वाहन पोर्टल 4.0’ पर बिना जीपीएस के परमिट आवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया रोक दी है।


अचानक फैसला: वाहन स्वामियों का आरोप है कि विभाग ने इस बदलाव की पूर्व सूचना नहीं दी।
बड़ा नुकसान: परमिट के अभाव में बॉर्डर पर खड़े वाहनों में भरा कच्चा माल खराब हो रहा है, जिससे संचालकों को प्रतिदिन भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फिटनेस सेंटर और ‘ग्रीन टैक्स’ का भी विवाद
परमिट के अलावा वाहन स्वामी दो अन्य प्रमुख समस्याओं से भी जूझ रहे हैं।
फिटनेस प्रमाणपत्र का संकट: पिछले एक महीने से एटीएस (ATS) फिटनेस सेंटरों पर डंपर और टीपर आदि के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पा रहे हैं।
अनावश्यक ग्रीन टैक्स: आठ सीट वाले निजी वाहनों के फिटनेस आवेदन के समय पोर्टल पर ‘ग्रीन टैक्स’ वसूला जा रहा है, जिसे अधिवक्ताओं और वाहन स्वामियों ने पूरी तरह अनुचित बताया है।
आरक्षी मंडल ने आरटीओ को सौंपा ज्ञापन
इन समस्याओं के समाधान हेतु बीकानेर बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं का एक शिष्टमंडल आरटीओ (RTO) अनिल पंड्या से मिला। शिष्टमंडल में एडवोकेट हनुमान प्रसाद शर्मा, हरिराम जालप, सुरेंद्र विश्नोई, बनवारी, पीसी पुनिया और अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगें:
पुरानी व्यवस्था की बहाली: नेशनल परमिट जारी करने की प्रक्रिया को पूर्व की भांति सुचारू किया जाए ताकि जीपीएस के कारण आ रही तकनीकी बाधा दूर हो।
वैकल्पिक व्यवस्था: टीपर और डंपर के फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए वैकल्पिक मार्ग निकाला जाए।
त्रुटि सुधार: आठ सीट वाले वाहनों से लिए जा रहे ग्रीन टैक्स की प्रक्रिया में तत्काल सुधार किया जाए।
आरटीओ अनिल पंड्या ने शिष्टमंडल को समस्याओं से अवगत होने के बाद सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। वाहन स्वामियों का कहना है कि वे पहले से ही टोल और ई-रवाना जैसी समस्याओं से परेशान हैं, ऐसे में नई तकनीकी बाधाओं ने उनकी कमर तोड़ दी है।


