तसनीम खान की कहानियां पाठकों को बेचैन कर बदलाव का आह्वान करती हैं- बुलाकी शर्मा

तसनीम खान की कहानियां पाठकों को बेचैन कर बदलाव का आह्वान करती हैं- बुलाकी शर्मा
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा

बीकानेर, 13 मई। सादुल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में आयोजित “युवा हिंदी कहानी और युवा कथाकार तसनीम खान” विषयक वैचारिक संगोष्ठी में साहित्यकारों ने कहानी विधा की प्रासंगिकता और युवा लेखन पर गहराई से चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कहानीकार और व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि कहानी सदियों से पाठकों की प्रिय विधा रही है और आज के सोशल मीडिया युग में भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

मनोरंजन नहीं, व्यवस्था से मुकाबला है तसनीम का लेखन
बुलाकी शर्मा ने युवा कथाकार तसनीम खान के लेखन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कहानियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे मौजूदा दौर की विसंगतियों की शिनाख्त करती हैं। ये कहानियां पाठकों को यथास्थिति स्वीकार करने के बजाय साहस के साथ स्थितियों को बदलने के लिए प्रेरित करती हैं।

pop ronak

अनछुए विषय और प्रभावी शिल्प की जुगलबंदी
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि-कथाकार राजेंद्र जोशी ने तसनीम खान की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि तसनीम की कहानियों का कथ्य इतना सशक्त होता है कि पाठक उसे पूरा किए बिना नहीं छोड़ पाता। उन्होंने कहा वे अनछुए विषयों पर शैल्पिक प्रयोग करती हैं, जिसमें कथा-रस और संदेश का बेहतरीन संतुलन होता है।

विशिष्ट अतिथि राजाराम स्वर्णकार ने बताया कि राजस्थान के साहित्यकारों ने आलोचनात्मक उपेक्षा के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने तसनीम के पहले उपन्यास के ज्ञानपीठ के नवलेखन पुरस्कार के तहत प्रकाशित होने को गौरव की बात बताया।

‘अब्दुल की मौत’ कहानी का वाचन और रचना प्रक्रिया
संगोष्ठी के दौरान तसनीम खान ने अपने नवीनतम संग्रह ‘बवालिस्तान’ की चर्चित कहानी ‘अब्दुल की मौत’ का भावपूर्ण वाचन किया, जिसने उपस्थित श्रोताओं को झकझोर दिया। अपनी रचना प्रक्रिया पर बात करते हुए तसनीम ने कहा “मेरा स्वर प्रतिरोध का स्वर है। धर्म और रूढ़ियों के नाम पर महिलाओं ने जो यातनाएं सही हैं, उनके प्रति बदलाव की बेचैनी ही मुझे लिखने के लिए विवश करती है।”

साहित्यकारों का सम्मान और उपस्थिति
इस अवसर पर अतिथियों ने तसनीम खान का माल्यार्पण और पुस्तकें भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में राजकीय संग्रहालय के क्यूरेटर राकेश शर्मा, डॉ. अजय जोशी, प्रमोद कुमार शर्मा, मुकेश पोपली और कविता मुकेश सहित कई प्रबुद्धजनों ने पठित कहानी पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में विष्णु शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।