स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत का मुख्यमंत्री को ज्ञापन; 7 दिन में माफी न मांगने पर हाईकोर्ट जाने का अल्टीमेटम
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत का मुख्यमंत्री को ज्ञापन



बीकानेर, 12 जून। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सालय पीबीएम हॉस्पिटल में प्रसूताओं की लगातार बिगड़ती स्थिति, किडनी फेल होने और मौतों जैसे गंभीर मामलों ने पहले ही क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे संवेदनशील और चिंताजनक समय में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश फूट पड़ा है। बीकानेर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने आज मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।


मातृशक्ति का अपमान और सरकार की संवेदनहीनता का आरोप
कांग्रेस नेता यशपाल गहलोत ने इस टिप्पणी को समूची मातृशक्ति का सीधा अपमान करार दिया है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के मुख से इस प्रकार की अमर्यादित, असंवेदनशील और अपमानजनक भाषा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बयान राज्य सरकार की आमजन और महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता को पूरी तरह उजागर करता है।


गहलोत ने आगे कहा कि आज पूरे प्रदेश में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। पीबीएम जैसे संभाग स्तरीय बड़े अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का आलम है, मरीज बुनियादी इलाज के लिए परेशान हैं, और ऐसे में जिम्मेदार मंत्री अपनी कमियां सुधारने के बजाय पीड़ित महिलाओं के प्रति अपमानजनक बयान देकर संवेदनशीलता की सभी हदें पार कर रहे हैं।
विधिक कार्यवाही और जनआंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेता विकास तंवर ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने अपने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को स्पष्ट शब्दों में सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। गहलोत ने मांग की है कि संबंधित मंत्री अपने इस अमर्यादित बयान के लिए सात दिवस के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा वे इस गंभीर विषय को लेकर उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी तौर पर विधिक कार्यवाही शुरू करेंगे।
कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि प्रदेश की हर महिला और माता-बहन के आत्मसम्मान व गरिमा से जुड़ा है, जिससे किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। यदि तय समय सीमा में मंत्री द्वारा माफी नहीं मांगी गई या सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेगी और इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।


