पीबीएम अस्पताल के विभागाध्यक्ष के नाम से जयपुर में फर्जीवाड़ा
पीबीएम अस्पताल के विभागाध्यक्ष के नाम से जयपुर में फर्जीवाड़ा


- इंश्योरेंस क्लेम का फर्जी बिल तैयार करने पर मामला दर्ज
बीकानेर, 9 अगस्त। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में पदस्थ सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनोहर लाल दावां के नाम से जयपुर के एक निजी अस्पताल द्वारा फर्जी इंश्योरेंस क्लेम उठाने की साजिश का मामला सामने आया है। जयपुर के विराटनगर स्थित अंजना अस्पताल प्रशासन पर डॉ. दावां के नाम और डिग्री का अनाधिकृत उपयोग कर कूटनिर्मित दस्तावेज व सर्जरी के बिल तैयार करने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में डॉ. दावां ने बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNV) थाने में अंजना अस्पताल के प्रभारी एवं संबंधित स्टाफ के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करवाई है।


इंश्योरेंस कंपनी के कॉल से सामने आई साजिश
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक बीमा कंपनी के डॉक्टर प्रतिनिधि ने डॉ. दावां को फोन कर सत्यापन मांगा। कंपनी अधिकारी यह पुष्टि करना चाहते थे कि जयपुर के अंजना अस्पताल में दिखाई गई मरीजों की सर्जरी वास्तव में डॉ. दावां द्वारा की गई थी या नहीं। डॉ. दावां ने स्पष्ट किया कि वे बीकानेर के राजकीय पीबीएम अस्पताल में सेवारत हैं और उन्होंने जयपुर के किसी निजी अस्पताल में जाकर कोई ऑपरेशन नहीं किया है।


और भी फर्जी बिल पेश किए जाने की आशंका, SOG को भी दी शिकायत
डॉ. दावां ने आशंका व्यक्त की है कि गिरोह द्वारा उनकी डिग्री का इस्तेमाल कर पूर्व में भी कई फर्जी बिल इंश्योरेंस कंपनियों को क्लेम हेतु भेजे गए हो सकते हैं। अब तक दो ऑपरेशनों के फर्जी बिलों की जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. दावां ने पुलिस के साथ-साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को भी शिकायत प्रेषित कर विस्तृत जांच की मांग की है।
पुलिस ने BNS की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की
मामले के जांच अधिकारी एएसआई पांचाराम ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब अंजना अस्पताल के प्रशासनिक रिकॉर्ड, फर्जी दस्तावेजों और इंश्योरेंस दावों की गहनता से पड़ताल कर रही है, ताकि इसमें शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।


