कर्नाटक कांग्रेस में सीएम पद का विवाद थमा! डीके शिवकुमार ने दिखाई नरमी, 2028 चुनाव पर फोकस करने की अपील

कर्नाटक कांग्रेस में सीएम पद का विवाद थमा! डीके शिवकुमार ने दिखाई नरमी, 2028 चुनाव पर फोकस करने की अपील
STBA 5 JUNE 2026
C M MUDRA MEMORIAL HOSPITAL
quicjZaps 15 sept 2025

बेंगलुरू, 1 जुलाई। कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रहा मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार का शक्ति-संघर्ष मंगलवार को समाप्त होता दिखा। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अपने लिए विधायकों से समर्थन नहीं चाहते और सभी से 2028 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। डीके शिवकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अब कोई विधायक मेरे लिए बात न करे। हाईकमान ऐसे विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, सिर्फ एक ही कांग्रेस है जो मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के नेतृत्व में काम कर रही है। मैं कोई बदलाव नहीं चाहता।”

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

सिद्धारमैया के पक्ष में हाईकमान का स्पष्ट इशारा
डीके शिवकुमार के इस बयान से ठीक पहले कांग्रेस के संकटमोचक रणदीप सुरजेवाला ने साफ कर दिया था कि पार्टी का सिद्धारमैया (Siddaramaiah) को मुख्यमंत्री पद से हटाने का कोई इरादा नहीं है। सुरजेवाला के बयान के दौरान डीके शिवकुमार चुपचाप बगल में बैठे दिखे, जिसने उनके पीछे हटने के संकेत को और स्पष्ट कर दिया।

pop ronak
M ranka bhajanlal cm

2023 चुनाव जीत के बाद से चल रही थी खींचतान
यह विवाद 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद से ही शुरू हुआ था। वोक्कालिगा समुदाय का समर्थन जुटाने में डीके शिवकुमार की भूमिका अहम मानी गई थी, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद जताई थी। मगर कांग्रेस हाईकमान ने बहुमत विधायकों और हाशिये के समुदायों में मजबूत पकड़ रखने वाले सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री चुना।

‘हाफ टर्म’ डेडलाइन और सियासी कयास
डीके शिवकुमार को उस वक्त उपमुख्यमंत्री बनाकर मना लिया गया था, लेकिन कयास लगाए जा रहे थे कि कार्यकाल के मध्य (यानी ‘हाफ टर्म’) में सिद्धारमैया पद छोड़ेंगे। यह ‘हाफ टर्म’ सितंबर 2025 में आने वाला है। डीके शिवकुमार समर्थक विधायक इसी डेडलाइन का हवाला दे रहे थे, जबकि सिद्धारमैया समर्थक पार्टी के ‘वन मैन वन पोस्ट’ सिद्धांत का हवाला देकर डीकेएस के दो बड़े पदों (उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष) पर सवाल उठा रहे थे।

हाईकमान के कड़े संदेश और डीके शिवकुमार के ताजे रुख से फिलहाल कर्नाटक कांग्रेस का अंदरूनी संकट थमता दिख रहा है। अब देखना होगा कि यह शांति सितंबर तक बनी रहती है या नहीं।

sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *