एनआरसीसी द्वारा सुरधना पड़िहारान में मृदा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान आयोजित
एनआरसीसी द्वारा सुरधना पड़िहारान में मृदा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान आयोजित


बीकानेर ,07 मई। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (NRCC), बीकानेर की ओर से ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ कार्यक्रम के तहत आज जिले के सुरधना पड़िहारान गांव में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था।


मृदा परीक्षण आधारित खेती पर जोर
कार्यक्रम में 50 से अधिक महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए मिट्टी के पोषकीय महत्व को समझना अनिवार्य है। वहीं, कृषि विशेषज्ञ एवं एमजीएमजी नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका गौतम ने बदलती जलवायु परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब किसानों को परंपरागत खेती के बजाय वैज्ञानिक और मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनानी चाहिए, जिससे लागत कम और लाभ अधिक हो सके।


वैज्ञानिकों की सलाह: संतुलित पोषण और फसल चक्र
एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया के संदेश में बताया गया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के इस देशव्यापी अभियान का लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को संरक्षित करना है। वैज्ञानिक डॉ. अरुणा कुनियाल और डॉ. स्वागतिका प्रियदर्शिनी ने भूमि की उपजाऊ क्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए:
संतुलित उर्वरक प्रबंधन
फसल विविधीकरण (Crop Diversification), फसल चक्र (Crop Rotation), जैविक पोषण प्रबंधन (Organic Management) अपनाने की सलाह दी।
सफल आयोजन में सहयोग
इस जागरूकता अभियान के सफल संचालन में सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी मनजीत सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेश चौधरी ने सक्रिय भूमिका निभाई। किसानों ने वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी को खेती की नई दिशा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
