बीकानेर के मैदानों में गूंजेगा ‘फुटबॉल का जुनून’: 25 मई से शुरू होगा 31वां वार्षिक फुटबॉल समर कैंप
बीकानेर के मैदानों में गूंजेगा 'फुटबॉल का जुनून': 25 मई से शुरू होगा 31वां वार्षिक फुटबॉल समर कैंप


बीकानेर, 5 मई। शहर की उभरती खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें एक प्रोफेशनल मंच प्रदान करने के लिए मास्टर मंगल चंद खारखोदिया फाउंडेशन एवं मास्टर बच्ची क्लब फुटबॉल समिति द्वारा 31वें वार्षिक फुटबॉल समर कैंप का भव्य आयोजन किया जा रहा है। खेल और फिटनेस के प्रति समर्पित यह कैंप बीकानेर के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरा है।


कैंप की मुख्य विशेषताएं और प्रशिक्षण
क्लब के सुनील बांठिया ने बताया कि यह बहुप्रतीक्षित कैंप 25 मई से 7 जून 2026 तक पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित होगा। कैंप में 7 वर्ष से अधिक आयु के लड़के और लड़कियां भाग ले सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है:


स्तर आधारित कोचिंग: शुरुआती (Beginner) से लेकर एडवांस स्तर तक के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल।
तकनीकी कौशल: प्रोफेशनल कोचेस द्वारा बॉल कंट्रोल, पासिंग, ड्रिब्लिंग, शूटिंग और डिफेंस तकनीक का गहन अभ्यास।
समग्र विकास: आधुनिक स्किल्स के साथ-साथ स्टैमिना, फिटनेस और मानसिक मजबूती (Mental Toughness) पर विशेष ध्यान।
अनुशासन, टीमवर्क और बेहतर पोषण
क्लब सचिव भरत पुरोहित के अनुसार, कैंप का उद्देश्य केवल खेल सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क और लीडरशिप जैसे गुणों का विकास करना भी है। नियमित मैच प्रैक्टिस और मिनी टूर्नामेंट्स के जरिए खिलाड़ियों को वास्तविक खेल परिस्थितियों का अनुभव दिया जाएगा।
बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने विशेष पोषण डाइट की व्यवस्था की है। प्रतिभागियों को प्रतिदिन हॉर्लिक्स दूध एवं चना उपलब्ध कराया जाएगा ताकि अभ्यास के दौरान उनकी ऊर्जा बनी रहे।
समर्पित टीम और प्रेरणादायी संदेश
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सचिव भरत जी पुरोहित के नेतृत्व में बुंदेला सिंह, महावीर शर्मा, त्रिभुवन ओझा, शिव कुमार शर्मा, विनोद जागा और अभिषेक व्यास सहित पूरी टीम जुटी हुई है।
पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान मगन सिंह राजवी ने इस पहल की सराहना करते हुए “खेल नहीं, जुनून बनाओ” का संदेश दिया है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया से बाहर निकलकर मैदान में पसीना बहाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। कैलाश खरखोदिया ने बताया कि सीमित सीटों के कारण पंजीकरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर शुरू हो चुके हैं।

