थानेदार को 6 पुलिसकर्मियों सहित अपने खिलाफ FIR दर्ज करनी पड़ी

थानेदार को 6 पुलिसकर्मियों सहित अपने खिलाफ FIR दर्ज करनी पड़ी
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा

होटल संचालक से ‘बंदी’ मांगने का आरोप, धमकी देकर ₹1 लाख ऐंठे

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

खाजूवाला (बीकानेर), 13 नवंबर। बीकानेर के खाजूवाला पुलिस स्टेशन में थाने के इंचार्ज सहित 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर बुधवार को एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार प्रजापत, एक हेड कॉन्स्टेबल और चार अन्य कॉन्स्टेबलों सहित कुल 6 पुलिसकर्मियों और एक स्थानीय निवासी पर धमकी देकर जबरन एक लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया गया है।
इस्तगासा से खुला मामला
खाजूवाला के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को चक 25 बीडी निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र हरीसिंह ने इस्तगासा (शिकायत) दिया था। राजेंद्र सिंह ने बताया कि उसका चक 7 एस.एस.एम. में शिवशक्ति होटल है। 1 जुलाई 2025 को सुबह 7:15 बजे थानेदार सुरेंद्र कुमार प्रजापत और अन्य पुलिसकर्मी उसकी होटल पर पहुंचे।

pop ronak

‘बंदी’ नहीं देने पर धमकी
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाते हुए कहा कि “तू थाने नहीं आ रहा है, न ही तू थाने की बंधी पहुंचा रहा है।” जब पीड़ित ने अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों को झूठा बताते हुए नाजायज रूप से तंग न करने की बात कही, तो पुलिसकर्मी नाराज हो गए। उन्होंने यह तक कहा कि “बंदी उच्च अधिकारियों को पहुंचानी पड़ती है।”

जबरन वसूली: एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने मामला शांत करने के लिए एक लाख रुपए की डिमांड रखी। पीड़ित ने अपने भाई से राशि लेकर एक दुकान पर पहुंचाई।

डीवीआर ले जाने का आरोप: राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे और रुपए देने के बाद भी डीवीआर वापस नहीं किया गया, बल्कि उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया।

पुलिस जांच की तैयारी
इस मामले में खाजूवाला थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार प्रजापत, हेड कॉन्स्टेबल ईश्वर सिंह, कॉन्स्टेबल रामकुमार, मुकेश, रामनिवास और मोनू सिंह सहित स्थानीय निवासी प्रेम शर्मा को नामजद किया गया है।
एडिशनल एसपी कैलाश सिंह सांदु ने कहा है कि मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर एक लाख रुपए की डिमांड की गई थी, तो पीड़ित को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) को शिकायत देनी चाहिए थी। अब मामला दर्ज हुआ है तो इसकी जाँच डिप्टी एसपी या एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *