वल्लभ गार्डन-पटेल नगर मुख्य मार्ग छह वर्षों से बदहाल
वल्लभ गार्डन-पटेल नगर मुख्य मार्ग छह वर्षों से बदहाल



रोड़ी बिछाकर भूला प्रशासन, उखड़े पत्थरों और बंद स्ट्रीट लाइटों के कारण थमी रफ्तार, खुले सीवरेज चैंबर से हादसे का डर


बीकानेर , 13 जून । कोई भी विकास कार्य यदि अपनी तय समय-सीमा के भीतर पूरा न हो, तो वह धीरे-धीरे जनता के लिए एक बड़ी समस्या बन जाता है और भारी अव्यवस्था व असुविधा का कारण बनता है। ऐसा ही कुछ हाल पिछले छह वर्षों से पटेल नगर-वल्लभ गार्डन मुख्य मार्ग का हो रखा है, जहां किसी-न-किसी प्रशासनिक या तकनीकी वजह से आवागमन लगातार बाधित है। वर्तमान में इस व्यस्ततम मुख्य मार्ग पर डामरीकरण (सड़क पक्की करने) का कार्य न होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।


5-6 महीने पहले बिछी थी रोड़ी, डामर का आज तक इंतजार
पटेल नगर मुख्य सड़क मार्ग पर रहने वाले स्थानीय नागरिक प्रदीप महर्षि, नरेंद्र शर्मा, बाबू खां, सीताराम, हरिकिसन, रेवतराम और कुलदीप सहित अनेक लोगों ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि व्यास कॉलोनी, पटेल नगर, वल्लभ गार्डन, सुदर्शना नगर, बजरंगपुरी और गांधी कॉलोनी जैसे कई बड़े रिहायशी इलाकों को आपस में जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर विकास कार्य अत्यंत ही मंद गति से चल रहा है।
प्रशासन ने सड़क निर्माण के नाम पर करीब 5-6 महीने पहले पूरी सड़क पर रोड़ी-कंकड़ तो बिछा दिए, लेकिन इस पर डामर की परत आज तक नहीं चढ़ाई गई। इसके परिणामस्वरूप, जब भी कोई भारी या तेज रफ्तार वाहन यहां से गुजरता है, तो टायर के दबाव से नुकीले पत्थर हवा में उछलते हैं। इन उड़ते पत्थरों के कारण राहगीरों, दुपहिया वाहन चालकों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को चोट लगने तथा गंभीर रूप से घायल होने का खतरा हर पल बना रहता है।
अंधेरे में डूबा मार्ग और खुला सीवरेज चैंबर दे रहे हैं बड़े हादसे को आमंत्रण
स्थानीय निवासियों ने सड़क की दुर्दशा के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मुख्य मार्ग की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी हैं, जिससे सूर्यास्त के बाद यह पूरा इलाका घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है। रात के समय अंधेरे के कारण कंकड़-पत्थरों से भरी इस ऊबड़-खाबड़ सड़क पर वाहन चलाना किसी खतरनाक स्टंट से कम नहीं है।
इसके ऊपर से, इसी मुख्य मार्ग पर सीवरेज चैंबर का एक ढक्कन पिछले कई दिनों से खुला हुआ पड़ा है। अंधेरे और बदहाल सड़क के बीच यह खुला हुआ चैंबर किसी भी वक्त किसी बड़े और जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय सजग नागरिकों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के आला अधिकारियों से मांग की है कि समय रहते इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया जाए और सड़क का डामरीकरण करवाकर, लाइटें दुरुस्त कर राहत प्रदान की जाए।


