सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की शर्मनाक करतूत, छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में सस्पेंड

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सीकर, 9 फ़रवरी । राजस्थान के सीकर जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़ित छात्रा की शिकायत और प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

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मामले का खुलासा तब हुआ जब एक छात्रा ने स्कूल की प्रिंसिपल मैडम को अपनी आपबीती सुनाई। छात्रा ने लिखित शिकायत में बताया कि गत 4 फरवरी को छठे पीरियड के दौरान आरोपी हेडमास्टर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोपी ने छात्रा के सिर और गाल पकड़कर उसे ‘बैड टच’ (अश्लील स्पर्श) किया, जिससे वह बुरी तरह डर गई। खौफ के कारण छात्रा अगले दिन 5 फरवरी को स्कूल भी नहीं आई।

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जांच में खुली पोल: अन्य छात्राओं ने भी लगाए गंभीर आरोप
प्रिंसिपल द्वारा मामले की जानकारी CBEO (ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी) को दिए जाने के बाद तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

सामूहिक गवाही: सातवीं कक्षा की अन्य छात्राओं ने भी हेडमास्टर द्वारा पीड़ित छात्रा के साथ की गई छेड़छाड़ की पुष्टि की।

अश्लील इशारे: जांच के दौरान दो अन्य छात्राओं ने हिम्मत जुटाते हुए बताया कि जब वे वॉशरूम जाती थीं, तब आरोपी हेडमास्टर उन्हें देखकर अश्लील और गंदे इशारे करता था।

लगातार उत्पीड़न: छात्राओं के बयानों से स्पष्ट हुआ कि आरोपी लंबे समय से अपनी मर्यादा भूलकर छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में हेडमास्टर को प्रथम दृष्टया दोषी माना और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी हेडमास्टर को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। विभाग अब इस मामले में विस्तृत विभागीय जांच और पुलिस कार्रवाई की तैयारी में जुटा है ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

 

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