आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर पोषाहार वितरण के निर्देश, लापरवाही पर एडीएम की सख्त चेतावनी
आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर पोषाहार वितरण के निर्देश, लापरवाही पर एडीएम की सख्त चेतावनी


बीकानेर, 11 मार्च । जिले के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण अभिसरण की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। एडीएम प्रशासन श्री सुरेश कुमार यादव ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण और टीकाकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


भवन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बैठक के दौरान एडीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:


पट्टा और स्वामित्व: जिन केंद्रों के पास स्वयं का भवन है लेकिन आधिकारिक पट्टा नहीं है, उनके लिए संबंधित ग्राम पंचायतों में तत्काल आवेदन करने के निर्देश दिए गए।
जर्जर भवनों का नवीनीकरण: जर्जर हो चुके केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर उनके पुनर्निर्माण के प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
विद्युतीकरण: सभी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने और जहां बिजली पहुंचना कठिन है, वहां सोलर पैनल लगाने के विकल्प पर कार्य करने के निर्देश दिए।
पात्र लाभार्थियों का बढ़ेगा दायरा
एडीएम श्री यादव ने सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए निम्न बिंदुओं पर सक्रियता दिखाने को कहा:
पंजीकरण में वृद्धि: आंगनबाड़ी केंद्रों पर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
मातृ वंदना योजना: ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के तहत अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को लाभान्वित करने और चिकित्सा विभाग को समय पर ममता कार्ड जारी करने के निर्देश दिए।
डिजिटल पहचान: आभा (ABHA) आईडी, अपार (APAAR) आईडी और प्रेरणा अभियान के तहत नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इससे पूर्व, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जिला परिषद की एसीईओ श्रीमती प्रियंका तलानिया, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र तनेजा, राजीविका डीपीएम दिनेश कुमार मिश्रा सहित जिले के सभी सीडीपीओ उपस्थित रहे।
