MGSU के इतिहास विभाग में ‘सकारात्मकता’ पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित
MGSU के इतिहास विभाग में 'सकारात्मकता' पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित


बीकानेर, 22 जुलाई । महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) के इतिहास विभाग के तत्वावधान में ‘सकारात्मकता’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। सेमिनार का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।


आयोजन में मुख्य बीज वक्ता के रूप में उपस्थित दयानंद स्कूल की पूर्व सीईओ एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद अल्का डॉली पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास के महान पुरुषों ने हमेशा जीवन में सकारात्मकता और आशावाद का संदेश दिया है। उन्होंने ऐतिहासिक हस्तियों के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंग साझा करते हुए युवाओं को हर विपरीत परिस्थिति में सकारात्मक सोच बनाए रखने की सीख दी।


इससे पूर्व स्वागत भाषण देते हुए इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने आधुनिक भारतीय इतिहास में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय मूल्यों और सकारात्मकता को स्थापित किया। वहीं, अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष ने विषय प्रवर्तन करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के उदाहरण प्रस्तुत किए और उन्हें अनुशासन तथा आशावाद का ज्वलंत प्रतीक बताया।
सेमिनार के दौरान इतिहास विभाग के सदस्यों द्वारा मुख्य वक्ता अल्का डॉली पाठक को शॉल, साफा, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थी लक्ष्मी सुथार ने सकारात्मकता पर आधारित एक मधुर भजन की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर डॉ. गोपाल व्यास, जसप्रीत सिंह, भगवान दास सुथार, डॉ. संजना चौधरी, सुशीला बिश्नोई सहित स्नातकोत्तर के अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन अतिथि शिक्षक रिंकू जोशी ने किया तथा अंत में डॉ. रीतेश व्यास ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।


