झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, JSSC CGL समेत सभी TDPL भर्तियां हुई रद्द
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, JSSC CGL समेत सभी TDPL भर्तियां हुई रद्द



रांची , 17 अगस्त। 24 दिनों के व्यापक आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, TSR Data Processing Pvt Ltd (TDPL) एजेंसी के जरिए वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाएं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रियाओं को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए मजबूत कानून बनाया है और उसे लागू करने की क्षमता भी रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हित, उनके भविष्य और उनके विश्वास को किसी भी परिस्थिति में डगमगाने नहीं देना चाहती। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान मंत्रियों के साथ छात्रों की पहले हुई बैठकों में परीक्षा सुधार से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए उन सहमत बिंदुओं को लागू करेगी।



VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, "Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
कैबिनेट बैठक एवं जांच से जुड़ी मुख्य बातें
रिटायर्ड जज की कमेटी व सीआईडी जांच: भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों और कथित साठगांठ की तह तक जाने के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की जाएगी। साथ ही, 2014 से अब तक की सभी संदिग्ध भर्ती परीक्षाओं की विस्तृत CID जांच कराई जाएगी।
IAS अमिताभ कौशल समिति: परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, पारदर्शी मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की नई प्रक्रिया तय करने के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है।
जनता और छात्रों से मांगे सुझाव: राज्य सरकार ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आम जनता और अभ्यर्थियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सख्त SOP और मानक कानून: मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए कठोर कानून और संशोधित SOP लागू किए जाएंगे।
यह फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे. हालांकि परीक्षा रद्द होने के बाद आगे की प्रक्रिया को लेकर छात्रों की नजर अब सरकार और संबंधित आयोग की अगली घोषणा पर रहेगी.
भावुक हुए छात्र, सोशल मीडिया पर जश्न का माहौल
लंबे समय से आंदोलनरत और भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। फैसले की सूचना मिलते ही जयपाल सिंह स्टेडियम और आसपास जमा हुए छात्र एक-दूसरे को बधाई देते और भावुक होकर गले लगाते नजर आए। सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के जश्न और राहत की तस्वीरें व वीडियो लगातार साझा किए जा रहे हैं।

