जैन विद्या परीक्षा-2025 के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का सम्मान

जैन विद्या परीक्षा-2025 के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का सम्मान
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
  • मुनिश्री आकाश कुमार जी का मिला सानिध्य

राजराजेश्वरी नगर (बैंगलोर), 26 अगस्त । युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री आकाश कुमार जी के पावन सान्निध्य में तेरापंथ सभा, राजराजेश्वरी नगर के तत्वावधान में ‘जैन विद्या परीक्षा-2025’ में उत्तीर्ण विद्यार्थियों हेतु सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

ज्ञान से जागृत होता है श्रावक का विवेक: मुनिश्री आकाश कुमार जी

pop ronak

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री आकाश कुमार जी ने जैन धर्म में ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी ने श्रावक समाज को ‘जैन विद्या प्रकल्प’ का महत्वपूर्ण अवदान दिया है। आचार्य तुलसी के विचारों को उद्धृत करते हुए मुनिश्री ने स्पष्ट किया कि श्रमणों की उपासना और ज्ञानार्जन से विवेक जागृत होता है, जिससे व्यक्ति पापकारी प्रवृत्तियों का त्याग कर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है।

इस अवसर पर मुनिश्री हितेंद्र कुमार जी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्जन का सीधा प्रभाव हमारे आचार-विचार पर पड़ता है और इससे सम्यक्त्व की पुष्टि होती है। उन्होंने कहा कि केवल जैन कुल में जन्म लेने से कोई जैनी नहीं बनता, बल्कि देव, गुरु और धर्म के प्रति दृढ़ श्रद्धा ही सच्ची पहचान है।

परीक्षार्थियों का हुआ सम्मान, आगामी परीक्षा की रूपरेखा पर मंथन

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सह केंद्र व्यवस्थापिका श्रीमती संगीता डागा ने परीक्षार्थियों का विवरण प्रस्तुत किया तथा सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ ने विचार व्यक्त किए। जैन विद्या दक्षिण कर्नाटक प्रभारी श्रीमती कंचन छाजेड़ ने संकाय की गतिविधियों एवं ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की जानकारी दी।

गत 9 वर्षों से इस प्रकल्प को गति दे रहीं प्रभारी श्रीमती सीमा छाजेड़, सह-संयोजिका श्रीमती संगीता डागा, श्रीमती शारदा बैद एवं श्रीमती आशा लोढ़ा के प्रयासों की सराहना की गई। समारोह में दक्षिण कर्नाटक सहप्रभारी विक्रम दुगड़, तेयुप अध्यक्ष सरल पटवारी तथा तेममं अध्यक्षा मंजु बोथरा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सभी सफल विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आशा लोढ़ा ने किया।

समारोह के पश्चात आयोजित विशेष बैठक में सभा, तेयुप, महिला मंडल एवं संकाय के पदाधिकारियों ने आगामी जैन विद्या परीक्षा में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने और समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने हेतु सार्थक विचार-विमर्श किया।