तेरापंथ भवन ट्रिप्लीकेन में मासखमण तप अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित
तेरापंथ भवन ट्रिप्लीकेन में मासखमण तप अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित



- मुनिश्री पुलकित कुमारजी के सानिध्य में हुआ तपस्विनी जागृति बाफना का बहुमान
चेन्नई/बीकानेर, 28 सितम्बर । युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमारजी ‘नचिकेता’ एवं मुनिश्री आदित्य कुमारजी के पावन सानिध्य में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ ट्रस्ट, ट्रिप्लीकेन द्वारा तपस्विनी सुश्री जागृति बाफना के मासखमण तप (30 दिन का निर्जला उपवास) के उपलक्ष्य में तप अनुमोदना एवं अभिनंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।


कार्यक्रम में तप की महिमा पर प्रकाश डालते हुए मुनिश्री पुलकित कुमारजी ने कहा कि तपस्या आत्मा का सच्चा श्रृंगार है, जिससे आत्मा की ओजस्विता और तेजस्विता में वृद्धि होती है। तपस्या हर किसी के बस की बात नहीं है; इसके लिए अपार आत्मबल और दृढ़ मनोबल की आवश्यकता होती है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चातुर्मासिक तपोत्सव 2026 के अंतर्गत ट्रिप्लीकेन तेरापंथ भवन में युवाओं में तपस्या के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है, जो कि चातुर्मास की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ अशुभ कर्मों की निर्जरा का उत्तम साधन है। इस अवसर पर मुनिश्री आदित्य कुमारजी ने तपस्या की अनुमोदना में सुमधुर गीत प्रस्तुत किया।


समारोह के दौरान श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ ट्रस्ट ट्रिप्लीकेन तथा स्थानीय सभी आंचलिक संस्थाओं की ओर से तपस्विनी जागृति बाफना का अभिनंदन पत्र व स्मृति चिह्न भेंट कर बहुमान किया गया। महिला मंडल की ओर से मंजू गेलड़ा ने विचार रखे। वहीं बाफना एवं डागा परिवार के सदस्यों, अमृत डागा, मंजू डागा, अभय मति बाफना तथा ट्रिप्लीकेन तेरापंथ ट्रस्ट की तरफ से संतोष धारीवाल सहित विभिन्न वक्ताओं ने गीतों एवं वक्तव्य के माध्यम से तप की भावभीनी अनुमोदना की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मधु चोरडिया ने किया। इस अवसर पर गणपत डागा, विजय राज बाफना, धनराज धारीवाल, सीए गौतम डागा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
