बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज में गरबा और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच सजी उत्सव की शाम

बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज में गरबा और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच सजी उत्सव की शाम
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‘बेस्ट ड्रेस’ और ‘बेस्ट डांसर’ पुरस्कारों ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह; सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश

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बीकानेर, 14 अक्टूबर । बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज में नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित ‘डांडिया नाइट’ में उत्साह, उमंग, भारतीय संस्कृति और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, मधुर संगीत, डांडिया की थाप और विद्यार्थियों के जोश से महाविद्यालय परिसर उत्सवी रंगों में सराबोर हो उठा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें रचनात्मकता, आपसी सौहार्द और सामूहिक सहभागिता का अवसर प्रदान करना था।

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माँ सरस्वती की वंदना के साथ शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। माँ सरस्वती से ज्ञान और सद्बुद्धि की कामना करते हुए नवरात्रि के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया गया। तत्पश्चात संगीत की मधुर धुनों और पारंपरिक गरबा गीतों के बीच डांडिया नृत्य का शानदार सिलसिला शुरू हुआ।

पारंपरिक परिधानों में थिरके युवा, प्रतियोगिताएं रहीं आकर्षण का केंद्र

रंग-बिरंगे घाघरा-चोली, केडियू और कुर्ते जैसे पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ गरबा एवं डांडिया की प्रस्तुतियाँ दीं। डांडिया की लयबद्ध थाप और संगीत की ऊर्जा से पूरा वातावरण जीवंत हो उठा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए ‘बेस्ट ड्रेस’ एवं ‘बेस्ट डांसर’ जैसे आकर्षक पुरस्कारों की भी व्यवस्था की गई, जिससे प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा और वेशभूषा का प्रदर्शन किया।

सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक चेतना का संदेश

महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और टीम भावना को प्रोत्साहित करना है। डांडिया नाइट ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराएँ आज की युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 

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