इलाज में लापरवाही पर निजी हॉस्पिटल पर15 लाख का जुर्माना

इलाज में लापरवाही पर निजी हॉस्पिटल पर15 लाख का जुर्माना
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
bothra school , gangashahar

जिला उपभोक्ता आयोग ने लगाया 15 लाख का जुर्माना, गर्भपात से हुई थी नवजात की मौत

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

जयपुर , 9 अप्रैल। इलाज में लापरवाही को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग जयपुर-द्वितीय ने संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल्स सहित उसके डॉक्टर्स पर 15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया हैं। आयोग ने यह जुर्माना जया कुमार की शिकायत पर फैसला सुनाते हुए लगाया।

pop ronak

आयोग ने पूरे मामले में अस्पताल और उसके डॉक्टर्स की गंभीर लापरवाही व सेवा दोष माना है। आयोग ने दुर्लभजी हॉस्पिटल पर 9 लाख रुपए और, डॉ. फयाज सहाब, डॉ. रिद्दिमा और डॉ. प्रियंका पर 6 लाख रुपए यानी कुल 15 लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। वहीं इलाज में खर्च हुए 65 हजार रुपए भी हॉस्पिटल को शिकायत दायर करने की तारीख से 9 फीसदी ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिए हैं।

आयोग ने कहा कि हॉस्पिटल ने पीड़िता का शारीरिक, मानसिक व आर्थिक तौर पर तो शोषण किया ही, साथ ही उसकी जान को जोखिम में डालकर उसे मातृत्व सुख से भी वंचित किया है। ऐसे में पीड़िता हॉस्पिटल व दोषी डॉक्टर्स से क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने की अधिकारी है।

अस्पताल ने जवाबदेही लेने से किया था मना

शिकायत के अनुसार पीड़िता 21 सप्ताह की गर्भवती थी और डॉक्टर्स के परामर्श और परमिशन से मुंबई से जयपुर फ्लाइट से आई थी। इस दौरान 20 अगस्त 2010 को रात ढाई बजे उसे घबराहट होने पर परिजन दुर्लभजी अस्पताल लेकर गए। वहां उसे इमरजेंसी में दिखाया तो पीड़िता ने किसी सीनियर गायनोलॉजिस्ट के लिए पूछा।

हॉस्पिटल प्रशासन ने उसे डॉ. फयाज के जल्द आने की बात कही, लेकिन सीनियर डॉक्टर नहीं आए और उसे लेबर रूम में भेज दिया। वहां पर उसे डॉ. प्रियंका ने देखा और जांच कर चली गई। पीड़िता की परेशानी बढ़ने पर परिजनों ने सीनियर डॉक्टर के लिए दोबारा पूछा तो कहा कि आ जाएंगे। सुबह 4.30 बजे डॉक्टर ने पीड़िता के ससुर को बच्चेदानी का मुंह खुलना बताया। हालांकि डॉक्टर ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चा स्वस्थ है, हम संभाल लेंगे।

तबीयत खराब होने पर डॉक्टर्स ने उसका गर्भपात कर दिया, जिससे नवजात की भी मौत हो गई। यह जानकारी उन्हें डॉक्टर फयाज के सुबह 10-11 बजे आने पर दी गई, लेकिन डॉक्टर और अस्पताल ने इसकी जवाबदेही नहीं ली। हॉस्पिटल व डॉक्टर्स की इस गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को पीड़िता ने उपभोक्ता आयोग में चुनौती देते हुए उसे हर्जाना-खर्चा सहित इलाज की राशि भी दिलवाने का आग्रह किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *