झुलसती गर्मी में पक्षियों के लिए पलाशियों की व्यवस्था की

झुलसती गर्मी में पक्षियों के लिए पलाशियों की व्यवस्था की
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर , 21 मई। गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है, मनुष्य को प्यास लगती है तो वह कहीं भी मांग कर पी लेता है, लेकिन मूक पशु पक्षियों को प्यास में तड़पना पड़ता है, हालांकि जब वे प्यासे होते हैं तो घरों के सामने दरवाजे पर आकर खड़े हो जाते हैं। कुछ लोग पानी पिला देते हैं तो कुछ लोग भगा भी देते है। इस गर्मी में पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए लोगों को प्रयास कर रहें हैं तथा करना भी चाहिए।

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गर्मियों में कई परिंदों व पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगों का थोड़ा सा प्रयास घरों के आस पास उड़ने वाले परिंदों की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी बचा सकता है।

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सुबह आंखें खुलने के साथ ही घरों के आस-पास गौरेया, मैना व अन्य पक्षियों की चहक सभी के मन को मोह लेती है। घरों के बाहर फुदकती गौरेया बच्चों सहित बड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। गर्मियों में घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियों से प्रेम करें और उनका विशेष ख्याल रखें।

बीकानेर जिले में गर्मी बढऩे लगी है। यहां का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है। आने वाले सप्ताह और जेठ में और अधिक गर्मी पडऩे की संभावना है। गर्मी में मनुष्य के साथ-साथ सभी प्राणियों को पानी की आवश्यकता होती है। मनुष्य तो पानी का संग्रहण कर रख लेता है, लेकिन परिंदे व पशुओं को तपती गर्मी में यहां-वहां पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी न मिले तो पक्षी बेहोश होकर गिर पड़ते हैं।

परिदों के लिए टीम सावधान इण्डिया 077 की तरफ से रतन बिहारी पार्क के पीपल के नीचे ठंडी छावं में , राव बीकानेर जी की मूर्ति परिसर के अंदर पीपल के नीचे ठंडी छावं में तथा सोनारों की गुवाड़ में पीपल के गट्टे के नीचे 100से अधिक मिट्टी के पालशिये लगाए गए।

पंछीयों के लिये गर्मी में पानी पिने के लिये इन मिट्टी तथा प्लास्टिक के पालशियों को केवल रखा ओर टांगा ही नहीं गया है, बल्कि रोजाना उनमें पानी भरने का दायित्व भी कायकर्ताओं ने लिए।

टीम सावधान के सरदार प्रदीप सिंह ने रतन बिहारी पार्क में रोजाना भरने का संकल्प लिया । इसी प्रकार सुनारों की गुवाड़ में क्रांति सोनी तथा बजरंग सोनी के द्वारा रोजाना पानी भरा जावेगा। डॉ करणीसिंह जी की स्टेचू के प्रांगण में रखे गए मिट्टी के पालशियों को ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया, राजेंद्र सिंह बपेऊ, सुनील बिनावरा के द्वारा तथा भगीरथ सिंह राजपुरोहित के द्वारा रोजाना भरा जायेगा। यह अभियान टीम सावधान इण्डिया 077 के नेतृत्व में अभी कई दिन चलाया जायेगा। कुछ प्लास्टिक के पालशिये ट्रॉमा सेंटर में ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया तथा शौखत पावड द्वारा हरे पेड़ की छावं में  टांगे गए।

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