विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शांति विद्या निकेतन में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शांति विद्या निकेतन में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
  • “निज पर शासन, फिर अनुशासन” के संदेश के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प, विद्यार्थियों को दी तंबाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी

बीकानेर, 31 मई। स्थानीय शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय में रविवार को ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर गाइड टीम एवं करुणा क्लब के संयुक्त तत्वाधान में एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को तंबाकू, धूम्रपान और अन्य घातक मादक पदार्थों के सेवन से मानव शरीर तथा सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य सत्र में सभी उपस्थित विद्यार्थियों और स्टाफ को जीवनभर नशामुक्त रहने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।

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गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण है तंबाकू: रमेश कुमार मोदी
कार्यक्रम संयोजक एवं कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सचेत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों के संक्रमण जैसी अनेक गंभीर एवं असाध्य बीमारियों का सबसे प्रमुख कारण बन रहा है।

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मोदी ने एक महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका दुष्प्रभाव केवल सीधे तौर पर नशा करने वाले व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि ‘पैसिव स्मोकिंग’ (धुएं के संपर्क में आना) के कारण उसके परिवार, मासूम बच्चों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को भी समान रूप से नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज को तंबाकू जनित स्वास्थ्य खतरों के प्रति सचेत करना और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज की नींव रखना है।

1987 से मनाया जा रहा है यह दिवस: प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा

शाला के प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा ने इस दिवस की ऐतिहासिक प्रासंगिकता की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सदस्य देशों द्वारा वर्ष 1987 से लगातार हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी इस दिशा में अत्यंत गंभीर है और ‘राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम’ (NTCP) के माध्यम से देश भर में तंबाकू के सेवन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा बड़े पैमाने पर जनजागरूकता अभियानों का संचालन कर रही है, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है।

“निज पर शासन, फिर अनुशासन” — सौरभ बजाज
करुणा क्लब के प्रभारी सौरभ बजाज ने विद्यार्थियों को जीवन का मूलमंत्र देते हुए कहा कि “निज पर शासन, फिर अनुशासन” के सिद्धांत पर चलते हुए किसी भी बुराई या नशे से दूर रहने की शुरुआत सबसे पहले स्वयं से करनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी की बात करते हुए कहा कि यदि हमारे आस-पड़ोस या परिवार में कोई व्यक्ति तंबाकू अथवा किसी अन्य नशे की लत का शिकार है, तो उसे डांटने के बजाय प्रेम से समझाकर नशामुक्ति के लिए प्रेरित करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे लोगों के उपचार के लिए सरकारी चिकित्सालयों और अधिकृत नशामुक्ति केंद्रों की विशेषज्ञ सहायता भी ली जानी चाहिए।

कार्यक्रम के समापन पर कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने सक्रिय गाइड बालिकाओं—गायत्री सारण, शैली सोलंकी, साक्षी गोदारा, सारा सुलेमानी एवं खुशबू गोदारा सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ और उपस्थितजनों को हमेशा एक अनुशासित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाए रखने का आह्वान किया।

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