बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार


- आजादी के बाद पहली बार हो रहा खालों का नवीनीकरण, अंतिम छोर तक बैठे किसानों को मिलेगा लाभ
- खाद्य मंत्री श्री सुमित गोदारा ने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
- पश्चिमी राजस्थान में चारागाह विकास की अपार संभावनाएं, रणनीतिक रूप में मिलकर काम करें स्टेक होल्डर्स
- चारा उत्पादन व प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों ने किया मंथन
- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 2026 को रेंजलैंड और पशुपालकों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष किया है घोषित
- केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री की प्ररेणा से चर्चा आयोजित
बीकानेर, 6 मई। पशुधन के लिए पौष्टिक व पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारम्परिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक का सामंजस्य करते हुए जनभागीदारी बढानी होगी। एसकेआरएयू वीसी सभागार में बुधवार को चारा प्रबंधन पर आयोजित चर्चा में यह विचार सामने आए। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की प्रेरणा से आयोजित की गई इस चर्चा में राजुवास के कुलगुरु डॉ सुमंत व्यास, भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (आईजीएफआरआई), झांसी के निदेशक डॉ पंकज कौशल सहित आईसीएआर, काजरी तथा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अनुसंधान निदेशक एसकेआरएयू डॉ एन के शर्मा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 2026 को रेंजलैंड और पशुपालकों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। पश्चिमी राजस्थान में वैस्टलैड की उपलब्धता को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पश्चिमी राजस्थान में चारागाह विकास व प्रबंधन को नयी दिशा देने हेतु आपसी समन्वय बढ़ाने के लिए आईजीएफआरआई काजरी व स्थानीय एजंसियों को सहयोग के लिए कहा, इसी के तहत यह चर्चा आयोजित की गई।


तकनीक के साथ किसानों की सहभागिता आवश्यक


राजु वास के कुलगुरु डॉ सुमंत व्यास ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान का किसान आत्महत्या नहीं करता इसका बड़ा कारण यहां के किसानों का पशुपालन से जुड़ा होना है। छोटी होती जोत, घटते चारागाह , औद्योगीकरण जैसी परिस्थितियों के बीच पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। आईसीएआर के सभी संस्थानों को उन्नत किस्म की घासों के पर्याप्त बीज उपलब्ध करवाते हुए किसानों को चारे की पौष्टिक किस्में उगाने के लिए प्रेरित करना होगा।
डॉ व्यास ने कहा कि वर्षा आधारित ओरण व गोचर चारा उत्पादन का महत्वपूर्ण पारम्परिक तरीका रहा है। वर्तमान ड्रिप इरिगेशन, हाइड्रोपोनिक्स , साइलेज व अन्य तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जानवरों की चराई से इकोसिस्टम को संबल मिलता है। चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों तथा स्टेक होल्डर्स को मिलकर काम करना होगा।।
भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (आईजीएफआरआई) के निदेशक डॉ पंकज कौशल ने उन्नत चारे की किस्मों, उगाने के मॉड्यूल तथा आधुनिक मशीनों के संबंध में विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में वैस्टलैड की व्यापक उपलब्धता है। चारा उगाने में इस भूमि का इस्तेमाल किया जाए। चारा नीति बना कर रणनीतिक रूप से कार्य करते हुए किसानों को समुचित प्रशिक्षण दें। देश में चारे की कमी को दूर करने के लिए सभी एजेंसियां अपनी क्षेत्रीय आवश्यकताओं को समझते हुए रोड मैप बनाकर काम करें ।
सीसीएफ बीकानेर हनुमानराम ने कहा कि कृषि व पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में घटते चारागाह चिंता का विषय है। सेवण तथा धामण पश्चिम राजस्थान की पौष्टिक घास हैं। इकोसिस्टम को बनाए रखने में भी इन घासों की महत्वपूर्ण भूमिका है।इन घासों के बीज उत्पादन बढ़ाने तथा संरक्षण के लिए आमजन को साथ लेकर काम किया जाए।
केन्द्रीय उष्ट्र अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि वैज्ञानिक ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के समान ही पशुओं के लिए फीड सिक्योरिटी महत्वपूर्ण है। पशु को हम नहीं बल्कि पशु हमें पाल रहा है, चारे की पौष्टिकता और उपलब्धता सुनिश्चित करने से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होने में मदद मिलेगी। अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में चारा उत्पादन, प्रबंधन के आयामों की जानकारी दी।
बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेजा पांडे, प्रसार शिक्षा निदेशक एसकेआरएयू डॉ दीपाली धवन, सेंटर फॉर पॉलिसी डिजाइन अत्री के निदेशक डॉ अबि तमीम, राजु वास के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आरके धुडिया ,कृषि विभाग के जयदीप दोगने ने एनआरसीसी के आर के सावल, एन डी यादव, एफ ई एस से डिंपल, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट मुंबई से चेतन मिश्र, शुभम कलवाणी सहित आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों, जिला परिषद, वनविभाग, कृषि , जलसंरक्षण व अन्य विभाग के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे।
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गुरुवार को आएंगे केंद्रीय मंत्री मेघवाल
बीकानेर, 6 मई। केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल गुरुवार को प्रातः 7.20 बीकानेर पहुंचेंगे। वे प्रातः 10 बजे रानी बाजार, चार भुजा टाॅवर स्थित डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल का उद्धघाटन करेंगे। इसके पश्चात वे 12 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में दिशा कमेटी की बैठक लेंगे। वे यहां विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेने के पश्चात रात्रि 10.20 बजे रेलमार्ग से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
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खाजूवाला में आयोजित हुई उपखंड स्तरीय जनसुनवाई, विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
बीकानेर, 6 मई। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से बुधवार को खाजूवाला में उपखण्ड स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसडीएम कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने पेयजल, बिजली, सड़क, चिकित्सा, राजस्व एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। अन्य समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए गए।
विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि जनसुनवाई, आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही न बरतें और हर शिकायत का पारदर्शी एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
इस दौरान खाजूवाला एसडीएम पंकज गढ़वाल, तहसीलदार श्रीमती राजकुमारी बिश्नोई, नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी श्री सोहनलाल नायक, वृत्ताधिकारी अमरजीत चावला, पीएचईडी एक्सईएन नरेश रैगर, एक्सईएन अजय कुमार टुंडवाल, पीडब्ल्यूडी एईएन श्री राजकुमार तालनिया, खाजूवाला खंड विकास अधिकारी गोपाराम मेघवाल, छतरगढ़ डीएफओ दिलीप सिंह राठौड़, बीसीएमओ डॉ. अश्विनी कुमार, कृषि उपज मंडी सचिव नवीन गोदारा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक लीलाधर पंवार, नगर पालिका के सहायक अभियंता विकास ज्याणी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला अस्पताल में बनेंगे स्त्री और प्रसूति रोग ओपीडी, लेबर रूम, प्री डिलीवरी रूम, पोस्ट डिलीवरी रूम और 4 कॉटेज
विधायक जेठानंद व्यास की अभिशंसा पर डीएमएफटी से जारी हुई स्वीकृति
बीकानेर, 6 मई। बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास की अभिशंसा पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) द्वारा राजकीय एसडीएम जिला चिकित्सालय में स्त्री और प्रसूति रोग ओपीडी, लेबर रूम, प्री डिलीवरी रूम, पोस्ट डिलीवरी रूम और 4 कॉटेज निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
विधायक जेठानंद व्यास ने बताया कि जिला अस्पताल की सुविधाओं के विकास के लिए सतत कार्यवाही की जा रही है। इसी श्रृंखला में डीएमएफटी की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव और अभिशंसा की गई थी। जिला परिषद द्वारा इसकी स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से इसका निर्माण कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में यह कार्य होने से शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को सहूलियत होगी तथा उन्हें उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी तथा पीबीएम अस्पताल का भार भी कम होगा।
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जिला अस्पताल में बनेंगे स्त्री और प्रसूति रोग ओपीडी, लेबर रूम, प्री डिलीवरी रूम, पोस्ट डिलीवरी रूम और 4 कॉटेज
विधायक जेठानंद व्यास की अभिशंसा पर डीएमएफटी से जारी हुई स्वीकृति
बीकानेर, 6 मई। बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास की अभिशंसा पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) द्वारा राजकीय एसडीएम जिला चिकित्सालय में स्त्री और प्रसूति रोग ओपीडी, लेबर रूम, प्री डिलीवरी रूम, पोस्ट डिलीवरी रूम और 4 कॉटेज निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
विधायक जेठानंद व्यास ने बताया कि जिला अस्पताल की सुविधाओं के विकास के लिए सतत कार्यवाही की जा रही है। इसी श्रृंखला में डीएमएफटी की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव और अभिशंसा की गई थी। जिला परिषद द्वारा इसकी स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से इसका निर्माण कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में यह कार्य होने से शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को सहूलियत होगी तथा उन्हें उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी तथा पीबीएम अस्पताल का भार भी कम होगा।
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