बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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  • नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर, नार्को कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित
  • जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने नशा मुक्ति केन्द्रों के नियमित निरीक्षण और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश
  • पुलिस-प्रशासन मिलकर बढ़ाएगा कार्रवाई, नशे की सूचना देने के लिए जारी किया गया व्हाट्सऐप नंबर

बीकानेर, 19 अगस्त। जिला कलेक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में बुधवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नार्को कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, नशा मुक्ति केन्द्रों की निगरानी, युवाओं में जागरूकता तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं दुरुपयोग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

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जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी एवं व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने नशा मुक्ति केन्द्रों का समय-समय पर निरीक्षण करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केन्द्र निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हों।

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उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध ऑपरेशन नीलकंठ चलाया जा रहा है, जिसके तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीमा क्षेत्रों में भी नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन समन्वय के साथ अभियान को और गति देंगे। साथ ही स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि जिले में संचालित नशा मुक्ति केन्द्र नियमानुसार संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस, चिकित्सकों, विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को जोड़कर समूह बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना देने के लिए पुलिस द्वारा व्हाट्सऐप नंबर 87645-07201 जारी किया गया है। इस नंबर पर आमजन कभी भी नशे से संबंधित जानकारी दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम एवं मोबाइल नंबर गोपनीय रखा जाएगा तथा संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि विभाग द्वारा नशा मुक्ति को लेकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में देवस्थान विभाग के सहयोग से धर्मगुरुओं के माध्यम से भी नशे के खिलाफ अपील जारी करवाई जाएगी। विभिन्न श्रमिक संगठनों के माध्यम से मजदूरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में स्लोगन लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों में अब तक एक लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया है। उन्होंने बताया कि नो बैग डे के दौरान भी विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक करने वाली गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

बैठक में कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा के तहत कोचिंग संस्थानों में सुझाव पेटिकाएं लगाई गई हैं, जिनमें विद्यार्थी नशे की बिक्री आदि से संबंधित जानकारी दे रहे हैं। प्राप्त सूचनाएं पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाई जा रही हैं। इसी प्रकार श्री डूंगर कॉलेज में नई किरण नशा मुक्ति केन्द्र के माध्यम से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड सहित विभिन्न संगठनों के सहयोग से नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ड्रग कंट्रोलर देवेन्द्र खेदावत ने बताया कि जुलाई माह में कुल 38 कार्रवाई की गईं। इनमें 10 दवा दुकानों पर अनियमितताएं पाई गईं, 12 दुकानों को नोटिस जारी किए गए, 9 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा एक दुकान का लाइसेंस निरस्त किया गया। उन्होंने बैठक में एक दवा के दुरुपयोग से संबंधित जानकारी भी साझा की।

एएनटीएफ के महेन्द्र दत्त ने बताया कि चौपड़ा कटला क्षेत्र में एक अवैध क्लीनिक को सीज कर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, बीकानेर एसडीएम सुश्री महिमा कसाना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा

309 नगरीय निकायों में दो चरणों में होंगे चुनाव

जयपुर, 19 अगस्त। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश में ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के तहत नगरीय निकायों के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों, जिनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद एवं 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं, में चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव कराने के लिए चरणवार चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।

आम चुनाव कार्यक्रम

सिंह ने बताया कि सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 27 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 1 सितंबर 2026 को होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर 2026 निर्धारित है तथा इस दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 4 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

सदस्य पदों के लिए मतदान दो चरणों में होगा। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 तथा द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को होगा। मतदान का समय प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। दोनों चरणों में हुए मतदान की मतगणना 14 सितंबर 2026 को की जाएगी।

अध्यक्षीय पदों के लिए लोक सूचना 15 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 होगी तथा नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर 2026 को की जाएगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 है और इस दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 18 सितंबर 2026 को अभ्यर्थिता वापसी का समय समाप्त होने के तुरंत पश्चात किया जाएगा।

अध्यक्षीय पदों के लिए मतदान 21 सितंबर 2026 को होगा। मतदान का समय प्रातः 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक रहेगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद 21 सितंबर 2026 को ही मतगणना की जाएगी।

उपाध्यक्षीय पदों के लिए निर्वाचन 22 सितंबर 2026 को होगा। निर्वाचन प्रक्रिया के लिए बैठक प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगी। नामांकन पत्र प्रातः 11 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा नामांकन पत्रों की संवीक्षा प्रातः 11.30 बजे से होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने का समय अपराह्न 2 बजे तक रहेगा। यदि मतदान आवश्यक हुआ तो अपराह्न 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा तथा मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।

1.44 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
इन चुनावों में 309 नगरीय निकायों के कुल 1,44,03,853 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 73,98,415 पुरुष, 70,04,927 महिला तथा 511 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। नगर निगम जयपुर में सबसे अधिक 24,20,839 मतदाता हैं, जबकि नगरपालिका इन्द्रगढ़ में सबसे कम 4,744 मतदाता हैं।

वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में कुल 1,13,19,864 मतदाता थे। वर्ष 2026 में नगरीय निकायों की संख्या बढ़कर 309 होने के साथ मतदाताओं की संख्या में 27.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आयु वर्ग के अनुसार 18 से 25 वर्ष तक के 21,30,043, 26 से 35 वर्ष तक के 36,60,211, 36 से 50 वर्ष तक के 41,70,693, 51 से 59 वर्ष तक के 20,02,199 तथा 60 वर्ष एवं अधिक आयु के 24,40,707 मतदाता हैं।

ईवीएम से होगा मतदान

नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराए जाएंगे। अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर एवं कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग के स्वामित्व वाली एम-3 मॉडल की ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। शेष 36 जिलों में राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान एवं राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश के स्वामित्व वाली मल्टी पोस्ट सिंगल वोट/मल्टी पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

एक नगरपालिका में एक ही मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। आयोग द्वारा सभी जिलों को आवश्यक संख्या में ईवीएम का आवंटन किया जा चुका है। ईवीएम की आवाजाही की ऑनलाइन निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदान के लिए ईवीएम के आवंटन तथा मतदान एवं मतगणना दलों के गठन के लिए रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया भी की जाएगी।

वार्ड एवं मतदान केन्द्रों की संख्या में वृद्धि

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 में जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर वार्डों का पुनर्गठन एवं परिसीमन किया गया है। नए परिसीमन के बाद वर्ष 2019 के 7,500 वार्डों की तुलना में वर्ष 2026 में वार्डों की संख्या बढ़कर 10,245 हो गई है। इसी प्रकार वर्ष 2019 में 10,153 मतदान केन्द्रों की तुलना में वर्ष 2026 में मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़कर 16,465 हो गई है। वार्डों की संख्या में 36.6 प्रतिशत तथा मतदान केन्द्रों की संख्या में 62.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मतदान के लिए पहचान दस्तावेज

राजस्थान के लगभग सभी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता किसी कारण से फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो आयोग द्वारा अनुमोदित 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदान किया जा सकेगा।

इन वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक अथवा डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे जो नगरपालिका निर्वाचन की घोषणा से पूर्व जारी किए गए हों। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के समय इनमें से कोई एक वैध पहचान दस्तावेज अपने साथ अवश्य लेकर आएं।

मतदाता सहायता केन्द्र

मतदान दिवस पर मतदान भवन के समीप मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे। नए परिसीमन के कारण वार्डों की सीमाओं एवं मतदान केन्द्रों में परिवर्तन संभव है। मतदाता सहायता केन्द्र पर मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना क्रमांक तथा संबंधित बूथ की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

1.15 लाख से अधिक कार्मिक होंगे तैनात

309 नगरीय निकायों में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान, मतगणना एवं अन्य चुनावी कार्यों में लगभग 1,15,255 कार्मिकों को नियोजित किया जाएगा। मतदान एवं मतगणना दलों के गठन के लिए रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। मतदान दलों को दो स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए लगभग 98,790 पुलिस बल को नियोजित किया जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे

309 नगरीय निकायों के दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए प्रत्येक जिले में आवश्यकतानुसार एक या अधिक पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित वेतन श्रृंखला तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाइम स्केल अथवा इससे उच्चतर वेतन श्रृंखला के अधिकारी होंगे।

पर्यवेक्षकों द्वारा चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से नामांकन पत्रों की संवीक्षा, मतदान एवं मतगणना कार्य का पर्यवेक्षण किया जाएगा, ताकि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सकें।

24×7 चुनाव नियंत्रण कक्ष

आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। ये नियंत्रण कक्ष 24 घंटे, सातों दिन कार्य करेंगे। इनके माध्यम से चुनाव संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा तथा आमजन द्वारा चुनाव संबंधी गतिविधियों के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा
चुनाव के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग तथा कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर आदि के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए आयोग द्वारा आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा अन्य सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। लाउडस्पीकर का उपयोग रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है तथा संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से वाहन के संपूर्ण विवरण के साथ लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा।

आयोग द्वारा निर्धारित अधिकतम चुनाव खर्च सीमा के अनुसार नगर निगम पार्षद के लिए 3,50,000 रुपये, नगर परिषद पार्षद के लिए 2,50,000 रुपये तथा नगरपालिका सदस्य के लिए 1,50,000 रुपये की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। चुनाव खर्च का पूरा विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

संतान संबंधी प्रावधान हटाए गए

राजस्थान राजपत्र अधिसूचना दिनांक 25 मार्च 2026 द्वारा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की संबंधित धाराओं में संशोधन कर नगरीय निकायों के निर्वाचन के लिए संतान संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं। इस संबंध में आयोग द्वारा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा

आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा आवश्यकता के अनुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान बूथ तक लाने एवं मतदान के बाद वापस छोड़ने सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

आदर्श आचार संहिता लागू

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी।

आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विकास कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं अथवा जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, वे आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं नई योजनाएं, नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे।

चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र से होने वाले स्थानांतरण तथा संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र में किए जाने वाले पदस्थापन से संबंधित स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के अंतर्गत नगरपालिका के निर्वाचन के संचालन का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 26 के अनुसार चुनाव कार्य में नियोजित समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी निर्वाचन के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जाएंगे। यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा निर्वाचन से संबंधित निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्ध आयोग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंत में राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं एवं मीडिया से अपील की है कि शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने में आयोग को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। आयोग ने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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खरपतवार -गाजर घास पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

प्रतिकूल प्रभावों व प्रबंधन की दी गई जानकारी

बीकानेर, 19 अगस्त । खरपतवार-गाजर घास के प्रतिकूल प्रभावों व प्रबंधन की जानकारी हेतु कृषि अनुसंधान केन्द्र बीकानेर में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों विद्यार्थियों को गाजर घास से स्वास्थ्य, पर्यावरण व खेती पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी गई।
केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ शीश पाल सिंह सिंह ने बताया कि पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस या गाजर घास एक आक्रामक खरपतवार है, जो फसलों और स्थानीय जैव विविधता को प्रभावित करने के साथ मानव एवं पशु स्वास्थ्य के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है।
डॉ रूपेश मीना ने गाजर घास में पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थों व उनके प्रभाव के बारे में बताया।
डॉ. बी.डी.एस. नाथावत ने गाजर घास को विभिन्न बीमारियों से जुड़े रोगाणुओं एवं कीट-पतंगों के लिए आश्रय स्थल बताते हुए इसके समयबद्ध नियंत्रण पर जोर दिया।
डॉ. ब्रिज सिंह मीना ने गाजर घास के नियंत्रण की विभिन्न विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके प्रबंधन के लिए यांत्रिक, रासायनिक और जैविक उपायों को परिस्थितियों के अनुसार अपनाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार गाजर घास के नियंत्रण में समय पर उखाड़ने, जैव नियंत्रण तथा समेकित खरपतवार प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं।
डॉ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि फूल एवं बीज बनने से पहले ही नियंत्रित कर गाजर घास को समूल नष्ट करने के प्रयास किए जाएं, ताकि इसके बीजों के प्रसार को रोका जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाली। विद्यार्थियों ने “गाजर घास भगाओ—पर्यावरण बचाओ” और “गाजर घास भगाओ—कृषि बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से आमजन एवं किसानों को इस आक्रामक खरपतवार के नियंत्रण के लिए जागरूक किया।

गौरतलब है कि 16 से 22 अगस्त तक पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस जागरूकता सप्ताह के दौरान देशभर में जागरूकता रैलियों, व्याख्यानों, उन्मूलन अभियानों और किसान संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से गाजर घास के दुष्प्रभाव एवं प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जाती है।
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कुलगुरु ने श्रीगंगानगर कृषि महाविद्यालय का दौरा किया

फूड प्रोसेसिंग एवं मशरूम कल्टीवेशन टेक्नोलॉजी यूनिट का किया उद्घाटन

बीकानेर/ श्रीगंगानगर,19 अगस्त। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने बुधवार को कृषि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर का दौरा कर महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
डॉ दुबे ने महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली तथा स्टाफ से भी संवाद किया ।महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. बी.एस. मीणा ने बताया कि कुल गुरु ने महाविद्यालय में नव स्थापित एक्सपीरियंस लर्निंग यूनिट्स -फूड प्रोसेसिंग एवं मशरूम कल्टीवेशन टेक्नोलॉजी का उद्धघाटन किया। कुलगुरु ने महाविद्यालय अकादमी गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने महाविद्यालय के पास आउट विद्यार्थियों के बारे में भी फीडबैक लिया तथा उनकी एकेडमिक उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कृषि स्नातक तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी.एस. आचार्य सहित महाविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ रूप सिंह मीणा,अथिति व्याख्याता डॉ कोमल, श्री राम वर्मा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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कुलगुरु डॉ. दुबे ने कृषि महाविद्यालय, हनुमानगढ़ में विद्यार्थियों से किया संवाद

हनुमानगढ़/ बीकानेर , 19 अगस्त। कुलगुरु डॉ. राजेन्द्र बाबू दुबे ने बुधवार को कृषि महाविद्यालय, हनुमानगढ़ का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया ।
इस दौरान कुल गुरु ने विद्यार्थियों द्वारा रखी गई विभिन्न समस्याओं पर सकारात्मकता से विचार करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. हनुमाना राम को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कुल गुरु डॉ. दुबे ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपनी ऊर्जा का उपयोग अध्ययन एवं भविष्य निर्माण में लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, हनुमानगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. हनुमाना राम, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. एस. आचार्य, डॉ. चन्द्रभान, डॉ. उपेन्द्र मील एवं डॉ. हरजिन्दर सिंह सहित महाविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

sjps