मिलावटखोरी के खिलाफ दमित गहलोत का 10वें दिन भी अनशन जारी
मिलावटखोरी के खिलाफ दमित गहलोत का 10वें दिन भी अनशन जारी

- 700 किमी पैदल यात्रा कर पहुंचे थे दिल्ली
बीकानेर, 03 अक्टूबर । खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी और ‘फूड माफिया’ के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर बीकानेर के सामाजिक कार्यकर्ता दमित गहलोत का अनशन शनिवार को 10वें दिन भी लगातार जारी रहा। 700 किलोमीटर की दुर्गम पदयात्रा कर दिल्ली से बीकानेर लौटे दमित की तबीयत लगातार भूखे रहने के कारण नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें ड्रिप चढ़ाई गई है।


21 दिनों में 700 किमी पैदल चलकर पहुंचे थे जंतर-मंतर


दमित गहलोत ने मिलावटखोरी के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए 4 सितंबर 2026 को बीकानेर से दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू किया था। लगभग 21 दिनों में 700 किलोमीटर की दूरी तय कर वे दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठ गए। हालांकि, दिल्ली प्रशासन द्वारा मुख्य धरना स्थल पर बैठने की अनुमति न देते हुए संबंधित राज्य में ही प्रदर्शन करने की बात कही गई। इसके बाद शनिवार को बीकानेर लौटने पर भी उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया।
मिलावटखोरों के लिए फांसी की सजा और कड़े कानून की मांग
गहलोत ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता को जहरीले खाद्य पदार्थों से मुक्ति दिलाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट धीमी जहर (स्लो पॉइजन) की तरह काम कर रही है, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मिलावटखोरों के खिलाफ फांसी की सजा का कड़ा प्रावधान किया जाए।
परिजनों व युवाओं ने जिला कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
शनिवार को कानासर निवासी दमित गहलोत के समर्थन में उनकी पत्नी सुरेंद्र कौर, पुत्र जय सिंह व लवप्रीत गहलोत, हेमंत सैनी, दिनेश भाटी, अभिषेक स्वामी, गोविंद टाक, नवीन अग्रवाल, करण गहलोत, रजत सोलंकी, रवि शंकर सोलंकी तथा ‘यारिया लंगोटिया ग्रुप’ सहित अनेक युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दमित गहलोत की मांगों का समर्थन करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
