योग एवं खेलकूद संस्कार शिविर में बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से दिया नशामुक्ति और स्वच्छता का संदेश
योग एवं खेलकूद संस्कार शिविर में बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से दिया नशामुक्ति और स्वच्छता का संदेश



बीकानेर, 23 जून । भारत स्वाभिमान पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय बाबा रामदेव पार्क में आयोजित ग्रीष्मकालीन निःशुल्क योग एवं खेलकूद संस्कार शिविर इन दिनों बच्चों के सर्वांगीण विकास का बड़ा केंद्र बना हुआ है। शिविर के अंतर्गत मंगलवार को बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने तथा उनमें नैतिक व सामाजिक मूल्यों का बीजारोपण करने के उद्देश्य से एक विशेष चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय खेल और योग के साथ-साथ नई पीढ़ी में सामाजिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक संस्कारों का संचार करना था।


प्रतियोगिता के दौरान शिविर में भाग ले रहे नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों में भारी उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना देखी गई। बच्चों ने अपनी कल्पना के रंगों को कागज़ पर बिखेरते हुए मुख्य रूप से “नशामुक्त बीकानेर” और “स्वच्छ भारत अभियान” जैसे ज्वलंत विषयों पर एक से बढ़कर एक सारगर्भित और आकर्षक चित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से नौनिहालों ने समाज को नशे की लत से दूर रहने, पर्यावरण की रक्षा करने, स्वच्छता को जीवन में अपनाने तथा एक स्वस्थ-सशक्त राष्ट्र के निर्माण का बेहद प्रेरक संदेश दिया। इसके अतिरिक्त, कुछ बाल कलाकारों ने अपनी कूची से देश की शान तिरंगे, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण के सुंदर दृश्य उकेरे। शिविर के आयोजकों ने बताया कि कई छोटे बच्चों के लिए जीवन में चित्रकला प्रतियोगिता का यह पहला अनुभव था, लेकिन उनके भीतर का आत्मविश्वास और उत्साह देखते ही बनता था।


योग और रचनात्मकता से हो रहा बच्चों का सर्वांगीण विकास: नंदकिशोर गहलोत
प्रतियोगिता के समापन पर बच्चों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए शिविर संयोजक नंदकिशोर गहलोत ने कहा कि ऐसे रचनात्मक आयोजनों से बच्चों में न केवल कलात्मक और तार्किक सोच का विकास होता है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध भी जागृत होता है। उन्होंने कहा कि इस ग्रीष्मकालीन शिविर का मूल उद्देश्य योग, खेलकूद, भारतीय संस्कृति के उत्तम संस्कारों और कलात्मक गतिविधियों के अनूठे समन्वय से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास करना है। इस दौरान उमेश व्यास ने मधुर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देकर उपस्थित बच्चों और युवाओं में देशप्रेम का जोश भरा और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस रचनात्मक और अनूठे आयोजन के अवसर पर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सुथार, भवानी शंकर सांखला, विकास जोशी, नत्थूराम कच्छावा, महावीर सारस्वत, विष्णु, शोभा कच्छावा, ऋतु जोशी, करिश्मा, योगिता, तुलसी तथा टीना नायक सहित जैन व योग समाज के अनेक गणमान्य लोग, योग प्रशिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों द्वारा बनाई गई प्रेरक पेंटिंग्स का बारीकी से अवलोकन किया और उनके अनूठे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।


