अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत न्यू गवर्नमेंट कॉलेज में आयोजित हुआ परीक्षा के टिप्स एवं प्रेक्षाध्यान कार्यक्रम
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत न्यू गवर्नमेंट कॉलेज में आयोजित हुआ परीक्षा के टिप्स एवं प्रेक्षाध्यान कार्यक्रम

हैदराबाद, 03 अक्टूबर । आध्यात्मिक जगत् के महान तपस्वी एवं योगीराज आचार्य प्रवर के पावन आशीर्वाद तथा उनके सुशिष्य मुनिश्री दीप कुमार जी एवं मुनिश्री काव्य कुमार जी की पावन प्रेरणा से ‘अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यू गवर्नमेंट कॉलेज, वाईएमसीए (YMCA) में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘अणुव्रत एवं प्रेक्षाध्यान से परीक्षा के टिप्स’ रहा। कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती निर्मला बैद द्वारा किया गया।


राष्ट्रगान से हुई कार्यक्रम की शुरुआत


कार्यक्रम का शुभारंभ जन-गण-मन एवं वंदे मातरम् के संगान से हुआ। इसके पश्चात कॉलेज के प्राचार्य (प्रिंसिपल) ने अपना स्वागत एवं प्रेरणादायी वक्तव्य प्रस्तुत किया।
सफलता के लिए मेहनत, लगन और ईमानदारी जरूरी
संयोजक निर्मला बैद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी परीक्षाओं के मद्देनजर केवल निरंतर तैयारी और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि जो छात्र शुरू से लगन और ईमानदारी से अध्ययन कर रहे हैं, वे निश्चित ही सफलता का बेड़ा पार करेंगे। उन्होंने परीक्षा में धोखाधड़ी या शॉर्टकट अपनाने वाले विद्यार्थियों को सचेत करते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों से केवल निराशा हाथ लगती है, इसलिए सभी भविष्य के प्रति जागरूक और सावधान रहें।
तनावमुक्ति, एकाग्रता एवं क्रोध नियंत्रण हेतु कराए गए प्रेक्षाध्यान के प्रयोग
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहकर परीक्षा देने के व्यावहारिक टिप्स दिए गए। आज के दौर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण विद्यार्थी तनाव एवं नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे बचाव के लिए विशेष ध्यान प्रयोग कराए गए। इसके अतिरिक्त क्रोध व अहंकार पर नियंत्रण, मन की एकाग्रता बढ़ाने तथा नकारात्मक विचारों को दूर करने हेतु प्रेक्षाध्यान की विभिन्न प्रविधियों का अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे छोटी-छोटी बातों या परिजनों/गुरुजनों की डांट से निराश होकर जीवन जैसा अमूल्य उपहार न गंवाएं, बल्कि सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।
पर्यावरण संरक्षण व जीवनोपयोगी सूत्रों का संदेश
कार्यक्रम में चलते-चलते पौधों से फूल-पत्तियां न तोड़ने जैसे पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे अणुव्रती संकल्पों और जीवनोपयोगी मूल्यों की जानकारी दी गई।
इस सफल आयोजन में कॉलेज प्राचार्य, अचिंता मैडम तथा अन्य शैक्षणिक स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा। वहीं, हनुमान जिनेंदु बैद की तरफ से अध्ययन एवं आयोजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। उल्लेखनीय है कि इस संस्थान में लगभग 800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्होंने इस सत्र से लाभ उठाया।
