फैक्ट्री में धमाकों के साथ लगी आग; बच्चे सहित 7 की मौत, FSL टीम जांच में जुटी
फैक्ट्री में धमाकों के साथ लगी आग; बच्चे सहित 7 की मौत, FSL टीम जांच में जुटी


जयपुर, 10 जून। राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक और भीषण औद्योगिक हादसा हो गया। यहाँ रिहायशी क्षेत्र के समीप संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसके बाद सिलसिलेवार कई जोरदार धमाके हुए। इन भयावह विस्फोटों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया। इस अग्निकांड में अब तक 15 साल के एक बच्चे समेत 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।


धमाकों के साथ फैली आग, बाहर निकलने का नहीं मिला मौका


घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले फैक्ट्री परिसर से धुएं का तेज गुबार उठता दिखाई दिया और इसके कुछ ही सेकंड के भीतर वहां एक के बाद एक बम धमाके होने लगे। आग इतनी तेजी से भड़की और फैली कि भीतर काम कर रहे मजदूरों को बाहर भागने तक का अवसर नहीं मिल सका। घटना की भयावहता को देखते हुए आसपास के मकानों और दुकानों में मौजूद लोग भी जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर भागने लगे।
घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने पाया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी जोखिम के बीच आग पर पूरी तरह काबू पाया। मलबे से निकाले गए घायलों को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक कुछ झुलसे हुए लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, मृत घोषित किए गए 7 लोगों में से 5 की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि शेष 2 शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
अवैध संचालन की आशंका, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में रखे बारूद और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के संपर्क में चिंगारी आने से यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि इस पटाखा निर्माण इकाई के पास वैध लाइसेंस और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं। प्राथमिक इनपुट्स के अनुसार, इस बात की प्रबल आशंका है कि यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके में बिना किसी अनुमति के पूरी तरह अवैध रूप से चलाई जा रही थी।
हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूरे प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया गया है। आग लगने के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मलबे और बारूद के सैंपल एकत्र किए हैं। उच्च अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वाले और अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


