तेरापंथ भवन, राजराजेश्वरी नगर में संत समागम आयोजित
तेरापंथ भवन, राजराजेश्वरी नगर में संत समागम आयोजित


- दो धाराओं का आध्यात्मिक मिलन व परस्पर संवाद
बेंगलुरु, 11 अगस्त । राजराजेश्वरी नगर स्थित तेरापंथ भवन में ॐकार आश्रम महासंस्थान ट्रस्ट के पीठाधिपति/सर्वाधिकारी स्वामी मधुसूदनानन्द पुरी महाराज का शुभागमन हुआ। इस अवसर पर युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री आकाश कुमार जी (ठाणा-2) के साथ उनका भव्य आध्यात्मिक मिलन एवं परस्पर विचार-विमर्श संपन्न हुआ।


सद्भावना एवं ऋषि-मुनि परंपरा का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुनि श्री आकाश कुमार जी ने कहा कि आचार्यप्रवर की अहिंसा यात्रा के तीन मुख्य ध्येयों में से सद्भावना का विकास एक प्रमुख उद्देश्य रहा है। इस यात्रा के दौरान समय-समय पर विभिन्न संप्रदायों के संतों एवं प्रतिनिधियों से आध्यात्मिक संवाद होता रहा है और आज का यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।


स्वामी मधुसूदनानन्द पुरी जी महाराज ने अपने ओजस्वी विचारों में कहा कि भारतवर्ष अनादिकाल से ऋषि-मुनियों की पावन धरा रहा है और हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं कि हमने इस पवित्र भूमि पर जन्म लिया। उन्होंने कहा कि भिन्न-भिन्न विचारधाराएं ही ‘दर्शन’ कहलाती हैं, जबकि सबका अंतिम ध्येय और मंजिल ‘मोक्ष’ ही है। इसके लिए स्वयं को जानना आवश्यक है और यह मार्ग सत्संग से ही प्रशस्त होता है। धर्म का वास्तविक अर्थ जीवन जीने की सही कला (Way of Life) है। उन्होंने राजराजेश्वरी नगर को देवी मां के आशीर्वाद से विकसित भूमि बताया।
शास्त्र ज्ञान एवं संत समागम की महत्ता
तथास्तु ग्रुप के जितेन्द्र कोठारी ने बताया कि उनका ग्रुप धर्मानुरागी बंधुओं को जोड़कर ऐसे संत समागम आयोजित करने हेतु निरंतर प्रयासरत रहता है। उन्होंने स्वामी जी के सरल स्वभाव और शास्त्र ज्ञान के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की।
सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ ने वर्ष 2006 में भिवानी में स्वामी जी के गुरु शिवपुरी महास्वामीजी बालगंगाधर स्वामी जी एवं आचार्य प्रवर के बीच हुई ऐतिहासिक आध्यात्मिक मुलाकात का स्मरण किया।
जैन साहित्य व पट्ट भेंटकर किया अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़, मंत्री अमित नौलखा, ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश छाजेड़, तेयुप अध्यक्ष सरल पटावरी, मंत्री संदीप बैद तथा महिला मंडल अध्यक्ष मंजु बोथरा ने स्वामी मधुसूदनानन्द पुरी एवं छोटे स्वामी आत्मनिष्ठा नंद जी का जैन पट्ट एवं तेरापंथ साहित्य भेंट कर भावभीना स्वागत किया।
इस संत समागम में सभा, ट्रस्ट, तेयुप एवं महिला मंडल के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रावक समाज की गरिमामय उपस्थिति रही। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन मुनि श्री हितेन्द्र कुमार जी ने किया।

