उन्नयन की पहली कार्यशाला ‘संगीत सरिता’ में किशोरों ने बिखेरी सुरों की मिठास
उन्नयन की पहली कार्यशाला ‘संगीत सरिता’ में किशोरों ने बिखेरी सुरों की मिठास




- प्रमोद बोथरा प्रथम, तमन्ना झाबक द्वितीय एवं लेशांशी बरडिया रहीं तृतीय
श्रीडूंगरगढ़, 23 सितंबर। अभ्यास से विकास की ओर बढ़ने के उद्देश्य से तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में तेरापंथ किशोर मंडल श्रीडूंगरगढ़ द्वारा सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी के पावन सान्निध्य में ‘उन्नयन’ (अभ्यास से विकास की ओर) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। शनिवार, 19 सितंबर को आयोजित इस प्रथम कार्यशाला की मुख्य थीम ‘संगीत सरिता’ रही।


कार्यशाला के दौरान कुल 16 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी-अपनी संगीतमय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रत्येक प्रतिभागी के लिए प्रस्तुति हेतु 48 सेकंड का समय निर्धारित किया गया था। प्रतिभागियों ने जैन एवं तेरापंथ धर्म से संबंधित भक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन राजुदीन जी एवं विक्रम जी मालू ने निर्णायक के रूप में किया। मूल्यांकन के आधार पर प्रमोद बोथरा ने प्रथम, तमन्ना झाबक ने द्वितीय तथा लेशांशी बरडिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
किशोरों में स्वयं के साथ दूसरों के उन्नयन की भावना: साध्वी लक्ष्यप्रभा जी
इस अवसर पर साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी ने अपने प्रेरणाथेय संबोधन में कहा कि यह किशोर मंडल की ऐसी ऊर्जावान टीम है जो केवल स्वयं के विकास तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सभी के विकास और दूसरों के उन्नयन की निस्वार्थ भावना के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद् के पीयूष बोथरा, रजत सिंघी, चमन श्रीमाल एवं सुमित बरडिया ने निर्णयकों का सम्मान किया। वहीं संयोजक मुदित पुगलिया, सहसंयोजक ऋषभ झाबक, कार्यक्रम प्रभारी विशाल बोथरा, अजय बोथरा, हर्षित गोलछा एवं संयम भंसाली ने विजेताओं को पुरस्कार तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
‘उन्नयन’ कार्यशाला के माध्यम से किशोरों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नियमित अभ्यास से उसे विकसित करने तथा मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम प्रदान किया जा रहा है। आगामी कार्यशालाएं संभावित रूप से प्रत्येक शनिवार रात्रि 8 बजे आयोजित की जाएंगी।
