संथारा साधिका कौशल्या देवी चोपड़ा की स्मृति सभा आयोजित

संथारा साधिका कौशल्या देवी चोपड़ा की स्मृति सभा आयोजित
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
  • दृढ़ मनोबल और अटूट आस्था की प्रतिमूर्ति थीं कौशल्या देवी

गंगाशहर (बीकानेर), 11 अगस्त । 23 दिनों की कठोर संथारा साधना के उपरांत देह त्याग करने वाली संथारा साधिका कौशल्या देवी चोपड़ा (84 वर्ष) की स्मृति सभा का आयोजन गंगाशहर में श्रद्धा एवं गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।  उल्लेखनीय है कि कौशल्या देवी ने 18 जुलाई को आचार्य श्री महाश्रमण जी की अनुज्ञा से मुनि श्री अमृत कुमार जी एवं साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी के सानिध्य में तिविहार संथारा ग्रहण किया था। 15 दिन तिविहार तथा 8 दिन निर्जल (चोविहार) संथारे के बाद 9 अगस्त को अपने 85वें जन्मदिवस पर उन्होंने अंतिम सांस ली और जन्मदिन को मृत्यु महोत्सव में बदल दिया।

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साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी का संदेश
स्मृति सभा को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी ने कहा कि मानव भव भगवान बनने और जीवन मोक्ष प्राप्ति के लिए मिला है। कौशल्या देवी जी के जीवन में ये गुण पूरी तरह परिलक्षित होते थे। उन्होंने बताया कि कौशल्या देवी जी उच्च शिक्षित थीं; उस दौर में एम.ए., बी.एड. कर उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य रहीं। उन्होंने श्रीगंगानगर नगर परिषद की पहली महिला सभापति के रूप में प्रशासनिक एवं राजनीतिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया और जीवन के उत्तरार्द्ध में संथारा साधना द्वारा मृत्यु का सहर्ष वरण कर अपने जीवन को धन्य बनाया।

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श्रद्धांजलि एवं विचार

साध्वी श्री कल्पयशा जी ने कौशल्या देवी जी के जीवन को दृढ़ मनोबल और अटूट आस्था का संगम बताया। साध्वी श्री रश्मिप्रभा जी ने भावपूर्ण गीतिका का संगान किया।

तेरापंथी सभा गंगाशहर के अध्यक्ष नवरतन बोथरा ने सभा की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आत्मा की आध्यात्मिक उन्नति एवं मोक्ष की कामना की।
सभा मंत्री जतनलाल संचेती ने कहा कि जैन दर्शन में जीने की कला के साथ-साथ मृत्यु को महोत्सव के रूप में स्वीकार करने का अनूठा मार्ग बताया गया है।
तेरापंथ न्यास के जैन लूणकरण छाजेड़ ने संथारा को तप की सर्वोच्च साधना बताया।

समारोह में तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष देवेंद्र डागा, महिला मंडल अध्यक्ष प्रेम बोथरा, अणुव्रत समिति से मनोज छाजेड़, टीपीएफ से पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान से किशन बैद तथा चोपड़ा परिवार से राहुल चोपड़ा ने अपने विचार व्यक्त किए। चोपड़ा परिवार की बहिनों ने भी गीत प्रस्तुत किया।

इसी स्मृति सभा के दौरान सिलीगुड़ी में दिवंगत हुईं साध्वी श्री मणिप्रभा जी के संसार पक्षीय परिवार की कमला देवी दुगड़ (धर्मपत्नी थानमल जी दुगड़, राजलदेसर निवासी) को भी याद किया गया, जिस पर दूगड़ परिवार से पन्नालाल जी व कमल जी दूगड़ ने अपने उद्गार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन मंत्री जतनलाल संचेती ने किया।

 

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